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Panipat News: छठी से आठवीं के बच्चों को नहीं मिली पुस्तकें, अभिभावकों की बढ़ी चिंता

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आठ मरला चौक के पास डिपो से किताबों की खरीदारी करते लोग। संवाद
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पानीपत। शिक्षा विभाग के दावे इस बार भी असफल होते नजर आ रहे हैं। शिक्षा विभाग ने नया सत्र शुरू होने से पहले पहली से आठवीं कक्षा तक के सभी बच्चों को सत्र के पहले दिन ही पुस्तकें देने का दावा किया था लेकिन छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पुस्तकें नहीं मिल पाई हैं। ऐसे में सत्र की शुरुआत में ही उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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शिक्षा का नया सत्र शुरू हो गया है। शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षा का रथ अभियान चला रहा है। शिक्षा के रथ से बेशक बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ने के लिए आगे आ रहे हैं लेकिन यहां सुविधाओं की अभी दरकार है। राजकीय स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को किताबें दी जाती हैं। जानकारों की मानें तो छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को किताबें नहीं मिल पाई हैं। अभिभावकों का कहना है कि उनके बच्चों को पास आउट बच्चों की किताबें दी गई हैं। इस बार भी उनके बच्चों को नई किताबें न देकर स्कूल ने पुरानी किताबें ही दी हैं। वहीं छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों को बिना किताब ही कई दिन स्कूल जाना पड़ा। बाद में उन्हें पुरानी किताबें उपलब्ध करवाई गई।
पास आउट बच्चों से लेकर दूसरों को दी किताब
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल नूरवाला के प्रधानाचार्य विनोद सिंगला ने बताया कि 2024-25 का सत्र पास करने वाले विद्यार्थियों से 31 मार्च को परिणाम बताने से पहले ही किताबें जमा करवा ली थीं। उसके बाद ही परीक्षा परिणाम घोषित किया गया था। इससे यह फायदा हुआ कि सरकार पर नई किताबों का बोझ कम हुआ और दूसरे विद्यार्थियों को समय पर किताबें मिल गईं।
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वर्जन :
पिछले साल 1.11 लाख बच्चों को किताबें उपलब्ध कराई गई थीं। इस बार भी सभी स्कूलों में किताबें भेजी जा चुकी हैं। यदि विद्यार्थियों की संख्या बढ़ती है और स्टॉक से भेजी किताबें कम रहती हैं तो और पुस्तकें भी उपलब्ध करवाई जाएंंगी।
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- सुभाष चंद्र, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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