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धार कार्ड में आयु को 21 चढ़वा करने जा रहा था शादी, बाल विवाह एंव निषेध अधिकारी ने रुकवाया

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मॉडल टाउन थाना क्षेत्र में एक कॉलोनी के अंदर अपनी आयु को फर्जी आधार कार्ड के आधार पर खुद की आयु को 21 साल बताकर शादी करने जा रहे एक युवक की बारात को बाल विवाह एवं निषेध अधिकारी ने रुकवा दिया। अधिकारी ने बताया कि वह गुप्त सूचना के आधार पर टीम गठित कर कॉलोनी में पहुंचे, जहां पर उन्होंने लड़के की आयु पूरी न मिलने पर शादी को रुकवा दिया। जिसके बाद अधिकारी ने जेएमआईसी कपिल की कोर्ट में एक याचिका दायक की, जिस पर कार्रवाई करते हुए न्यायाधीश ने शादी पर रोक लगाई।
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बाल विवाह एवं निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि उन्हें सोमवार सुबह गुप्त सूचना मिली थी मॉडल टाउन थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी में विवाह योग्य आयु हुए बिना ही एक शादी की जा रही है। जिस सूचना पर उन्होंने टीम गठित की और वह मौके पर पहुंची। जब वह पहुंचे तो दूल्हा बारात लेकर निकलने की तैयारी में था।
उन्होंने दूल्हे से उसकी आयु की जांच के लिए दस्तावेज मांगे। जिसके बाद दूल्हे ने अपना आधार कार्ड उन्हें दिखाया, जिसमें दूल्हे की आयु 21 साल थी। वहीं जब उन्होंने स्कूल में आकर जांच की तो पता चला दूल्हा जीटी रोड एक निजी स्कूल में 10 कक्षा का छात्र है और स्कूल के दस्तावेजों में दूल्हे की आयु 19 साल है। वहीं, स्कूल की आयु को पक्का मानते हुए उन्होंने शादी को रुकवाया और प्रथम श्रेणी न्यायाधीश कपिल की कोर्ट में धारा 13 के तहत एक याचिका दायर की, जिस पर कार्रवाई करते हुए उन्होंने उपरोक्त शादी पर रोक लगा दी। वहीं, उन्होंने उपायुक्त को दूल्हे के आधार कार्ड में आयु की जांच के लिए पत्र भेजा।
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मारे छोरे की तै, उम्र पूरी है, स्कूल ने गलत चढ़ा राख्यी होगी
अधिकारी ने दूल्हे के पिता को जब स्कूल और आधार कार्ड के दस्तावेजों में आयु का अंतर बताया तो पिता ने कहा कि मारे छोरे की तै उमर पूरी सै, स्कूल आला नै हे गलत चढ़ा राखी होगी। वहीं जब अधिकारी ने उन्हें शादी रुकवाई तो सभी आग बबूला हो गए। जिसके बाद कोर्ट में याचिका डाली और कोर्ट आर्डर पर शादी पर रोक लगवाई।
मां रहती थी बीमार इसलिए कर रहा था शादी : दूल्हा
सब कुछ सामने आने के बाद दूल्हे ने बताया कि उसकी बड़ी बहन की शादी रविवार को हो चुकी है। वहीं, उसकी मां बीमार रहती है, जिसकी सेवा के लिए वह बहू लाना चाहता था। इसलिए उसने शादी के लिए हां की थी और वह बारात लेकर बहु को शादी कर घर लाने के लिए जा रहा था।
मतलौडा के क्षेत्र में जानी थी बारात
मतलौडा क्षेत्र के एक गांव में बारात जानी थी। वहां पर सगी दो बहनों की शादी होनी है। वहीं, एक बारात पानीपत तो दूसरी कही ओर से आनी थी। बाल विवाह एवं निषेध अधिकारी की टीम मतलौडा नहीं पहुंची, उन्होंने थाना प्रभारी के माध्यम से और फोन पर ही शादी कैंसल होने की सूचना दी। वहीं, टीम ने लड़की की आयु की जांच की तो उसकी आयु पूरी पाई गई।
सूचना मिलते ही एक टीम गठित की गई, जिसने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की तो आधार की आयु को पक्का न मानते हुए स्कूल के रिकार्ड में चढ़ी आयु को पक्का माना और शादी को रुकवाया। वहीं, कोर्ट में धारा 13 के तहत याचिका दायर की, जिस पर कार्रवाई करते हुए न्यायाधीश ने शादी पर रोक लगा दी।
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- रजनी गुप्ता, बाल विवाह एवं निषेध अधिकारी।
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