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Panipat: कलंदर दरगाह के मुख्य खादिम की अहमदाबाद में मौत, पानीपत में कब्र खोदने पर हंगामा

Mon, 03 Apr 2023 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)

सार

दरगाह के नजदीक स्थित मदरसे में शव को दफनाने के लिए कब्र खोदने पर विवाद बढ़ गया। एसएचओ ने मौके पर कमान संभाली। पुलिस की अध्यक्षता में दोनों पक्षों के बीच दो घंटे बैठक चली। शव के पानीपत पहुंचने के बाद दफनाने के संबंध में अंतिम फैसला लिया जाएगा। 
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सूफी सैयद एजाज अहमद हाशमी। फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के पानीपत में स्थित हजरत बू अली शाह कलंदर दरगाह के मुख्य खादिम सूफी सैय्यद ऐजाज अहमद हाशमी की अहमदाबाद में शनिवार देर रात बीमारी के चलते मौत हो गई। दरगाह के नजदीक पंजाबी मदरसे में शव को दफनाने के लिए कब्र खोदने पर हंगामा खड़ा हो गया। विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष राजीव भाटिया सहित आसपास के लोगों ने इसको गलत बताया।

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मामला बढ़ते देख किला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच दो घंटे कलंदर दरगाह में बैठक चली। कलंदर दरगाह के अंदर शव को दफनाने की बात पर मामला शांत हुआ। इधर समुदाय के लोगों का कहना है कि शव के पानीपत पहुंचने पर दफनाने के संबंध में अंतिम फैसला लिया जाएगा।

कलंदर चौक, पंजाबी मोहल्ला निवासी अशोक, सुनील, वीना रानी, सतेंद्र कौर ने बताया कि 13 साल पहले मुस्लिम समुदाय के लोगों ने यहां जगह खरीदकर मदरसा बनाया था। उन्होंने बच्चों की शिक्षा को देखते हुए इस मामले में कोई विरोध नहीं किया। उन्होंने मदरसे को धीरे-धीरे मस्जिद में बदल दिया और यहां नमाज भी पढ़ने लगे। यहां पर सूफी सैय्यद ऐजाज अहमद हाशमी रहते थे।
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जिनकी शनिवार को अहमदाबाद में मौत हो गई। इसके बाद समुदाय के लोगों ने रविवार को मस्जिद में कब्र खोदनी शुरू कर दी। उन्होंने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। सूचना पाकर विश्व हिंदू परिषद के जिला प्रधान राजीव भाटिया भी यहां पहुंच गए। यहां दोनों समुदाय की बैठक में शव को बू अली शाह कलंदर दरगाह में दफनाने का फैसला लिया। वहीं पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यहां पर दो पुलिसकर्मी तैनात कर दिए हैं।

कलंदर दरगाह के प्रधान का तर्क
हजरत बू अली शाह कलंदर दरगाह के प्रधान राशिद ने कहा कि यह सूफी सैय्यद ऐजाज अहमद की प्रॉपर्टी है। उनकी अंतिम इच्छा थी कि उनकी कब्र इसी जगह बनाई जाए। इस प्रॉपर्टी में उनकी कब्र बनाई जानी चाहिए।

पंजाबी मोहल्ला के लोगों का तर्क
पंजाबी मोहल्ला से अशोक ने कहा कि उन्होंने मरदसा बनाने के लिए जगह दी थी, लेकिन बाद में मस्जिद बना ली गई। अब इसमें कब्र खोदकर उसे कब्रिस्तान बनाया जा रहा है। सूफी सैयद एजाज अहमद से उनके भी गहरे रिश्ते थे, लेकिन वह ऐसा नहीं होने देंगे। सरकार ने अलग से कब्रिस्तान बनाए गए हैं।

पंजाबी मोहल्ला में कब्र खोदने को लेकर दो पक्षों में विवाद होने की सूचना मिली थी। दोनों पक्षों की बैठक कराकर मामले का हल निकलवाया गया है। पुलिस मामले को लेकर गंभीर है। किसी भी तरह का विवाद नहीं होने दिया जाएगा। -विजय सिंह, प्रभारी, किला थाना पुलिस।

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