पानीपत। पूर्वांचल समाज का लोकप्रिय छठ महापर्व 25 अक्तूबर को नहाय-खाय के साथ शुरू होगा और 28 अक्तूबर सूर्योदय में अर्घ्य के साथ इसका समापन होगा। इसके लिए घाटों पर साफ-सफाई शुरू कर दी हैं। बसों व ट्रेनों में बिहार से आने वाले लोगों की संख्या बढ़ने लगी है।
निजी बस संचालकों ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए मनमाना किराया वसूल करना शुरू कर दिया है।पूर्वांचल महासंघ पानीपत के कोषाध्यक्ष कुमार चंदन ने बताया कि पूर्वांचल समाज में छठ पर्व का विशेष महत्व है।
महिलाओं के साथ पुरुष भी इस पर्व में निर्जला व्रत करते हैं। 25 को नहाय-खाय से छठ पर्व शुरू होगा। इस दिन साधा भोजन दाल, चावल और लौकी की सब्जी का ही सेवन किया जाता है। बर्तन-कपड़े धोए जाते हैं और घर की साफ-सफाई की जाती है।
26 को खरना किया जाएगा। खरना के दिन व्रतधारी पूरा दिन व्रत कर शाम को खीर, पूरी का ही सेवन किया जाएगा और निर्जला 36 घंटे के व्रत का संकल्प धारण किया जाएगा। 27 को पहला अर्घ्य दिया जाएगा। अगली सुबह 28 को अधिगामी सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाएगा।