पानीपत। आस्था के महापर्व छठ के लिए श्रद्धालुओं में काफी उत्साह है। इस महापर्व की शुरुआत नहाय-खाय से हुई। घाटों में व्रतियों की भीड़ लगी रही। इस मौके पर पुलिस भी गोताखोरों की टीमों के साथ घाटों पर उपस्थित रही। बाजारों में पूजा सामग्री व अन्य सामान खरीदने के लिए लोग अधिक संख्या में पहुंचे। श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगा सूर्यदेव से प्रार्थना की।
सुबह व्रतियों ने तालाब व नदी में स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण किए। सात नवंबर को छठ का व्रत रखा जाएगा। वहीं आठ को उषा अर्घ्य देकर इसका समापन होगा।
बाजारों में भीड़, लोगों ने जमकर की खरीदारी
छठ व्रत के लिए लोगों ने जमकर खरीदारी की। इसके लिए मिठाई व कपड़े की दुकानों के साथ पूजा की सामग्री खरीदने वालों की अधिक भीड़ रही। हालांकि बाजारों में चारपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। इसके बावजूद बाजार में खरीदारी के लिए पैदल चलने वालों की भी काफी आवाजाही रही। सामान की बढ़ती मांग को देखकर दुकानदारों के चेहरे भी खिले रहे।
छठ पर्व को लेकर चौकस हुई पुलिस
छठ पर्व को लेकर पुलिस भी काफी सतर्कता बरत रही है। घाटों पर बढ़ती भीड़ को देखकर पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिसकर्मियों ने गोताखोरों के साथ घाटों पर रहकर अपनी ड्यूटी का अच्छे से पालन किया। निजी गोताखोरों को भी यहां तैनात किया गया है। बच्चों को नहर के अंदर जाने से रोका जा रहा है।
महापर्व छठ के लिए खरना होगा आज-
चार दिवसीय महापर्व के दूसरे दिन खरना होता है। इस दिन व्रती महिलाएं पहले नए मिट्टी के चूल्हे पर गुड़ व चावल की खीर बनाती हैं। सबसे पहले छठी मैया को भोग लगाया जाता है। फिर इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है। मान्यता है कि छठ मैया का व्रत करने से घर में बरकत व जीवन में सफलता हासिल होती है। मां यह व्रत बेटे की लंबी उम्र के लिए करती हैं।
महापर्व छठ के लिए नियम -
इन दिनों मांस-मदिरा से दूर रहना चाहिए।
चार दिन नए वस्त्र धारण करने चाहिए।
व्रती को पलंग या तखत पर न सोकर जमीन पर चादर बिछाकर सोना चाहिए।
बिना लहसुन-प्याज वाला सात्विक भोजन करना चाहिए।