पानीपत। जिले में छठ महापर्व को लेकर व्रतधारियों में काफी उत्साह भरा हुआ है। शनिवार को व्रतधारियों ने खरना यानि निर्जला व्रत रखकर दूध, गुड़ व चावल से प्रसाद तैयार कर छठ मैयार को अर्पित किया। इसके बाद स्वयं ग्रहण किया। रविवार छह नवंबर को व्रतधारी संध्यकालीन सूर्यदेव अर्घ्य दिया जाएगा। शनिवार को पर्व को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है और व्रतधारी पूजा का सामान व अन्य खरीदारी की। जिले में पूर्वांचल के लोगों की संख्या करीब डेढ़ लाख बताई जा रही है। इसमें 40 प्रतिशत तक लोग व्रत रखते हैं।
80 रुपये की पूजा की टोकरी
छठ पर्व को लेकर बाजरों में सुबह से शाम तक रौनक बनी रही। बाजार में पूजा की टोकरी 80 रुपये की दी गई। पूजा की सामग्री में बड़ा नींबू, छोटा नींबू, नारियल, अनारस, धूप, सांचा, केराव, सिंदूर, हल्की व अदरक का पेड़ शामिल रहे।
छठ पूजा का ये रहा कार्यक्रम
छह नवंबर को संध्यकालीन अर्घ्य दिया जाएगा। व्रतधारी घाट पर जाकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगे। सात नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ ही कथा सुनकर व्रत खोलेंगे।