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स्वास्थ्य विभाग के विरोध में उतरे केमिस्ट

Wed, 03 Jun 2015 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
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केमिस्ट शॉप संचालक अस्पताल संचालकों की तर्ज पर स्वास्थ्य विभाग की छापेमार कार्रवाई के विरोध में खड़े हो गए हैं।
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केमिस्ट शॉप संचालकों ने बीते दिन पकड़ी दवाओं को एफडीए से मान्यता प्राप्त बताया है और प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को इस तरह की छापेमारी भविष्य में करने पर हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। केमिस्ट संचालकों ने पूरी कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित भी बताया है।


पानीपत केमिस्ट और ड्रगिस्ट एसोसिएशन की बैठक बुधवार को बिशन स्वरूप कॉलोनी में पूर्व प्रधान कुलदीप कादियान के कार्यालय में हुई। इसकी अध्यक्षता कुलदीप कादियान ने की। बैठक में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की केमिस्ट शॉप पर कार्रवाई पर विचार-विमर्श किया और स्वास्थ्य विभाग की ओर से दो केमिस्ट शॉप संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की निंदा की।
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कुलदीप कादियान ने कहा कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की छापामारी राजनीति से प्रेरित है और एसोसिएशन इस तरह के कदम की निंदा करती है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन दोनों मेडिकल स्टोर संचालकों के साथ हैं और उनके मुकदमे की पूरी पैरवी करेगी।

इस मौके पर सुरेंद्र गुप्ता, नरेंद्र रोजा, जयभगवान कटारिया, बाबूराम गुप्ता, मनोहर लाल गाबा, सुरेंद्र तनेजा और सुरेंद्र मलिक मौजूद रहे।

पूर्व प्रधान कुलदीप कादियान ने कहा कि सीएमओ डॉ. इंद्रजीत धनखड़ ने दो केमिस्ट शॉप संचालकों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी है और पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में लगाई धाराएं गलत हैं।

दोनों केमिस्ट शॉप से पकड़ीं दवाएं एफडीए से मान्यता प्राप्त हैं और कोई भी केमिस्ट शॉप संचालक बिल के आधार पर बेच सकता है। ये दवाएं प्रशासन से प्रतिबंधित नहीं हैं। मेडिकल स्टोर संचालक आरएमपी की एडवाइस पर दे सकता है। प्रशासन को किसी दवा पर एतराज है तो वे दवा के निर्माण पर रोक लगा दे।  
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ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक का मामला
पूर्व प्रधान ने कहा कि दोनों मेडिकल स्टोर पर पकड़ी दवा एमटीपी नहीं, बल्कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट-1940 के रूल 1945 के अंतर्गत आती हैं, जबकि इनमें एमटीपी की धारा तीन और चार के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि एमटीपी एक्ट की धारा गर्भपात करते पकड़े जाने पर लगती हैं।
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