समालखा। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय समालखा में खंड स्तरीय अंत्योदय मेले का बुधवार को शुभारंभ हुआ। मेले के दौरान ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र से पात्र परिवार पहुंचे। आयोजन के दौरान अव्यवस्था का आलम यह था कि कोरोना गाइडलाइन तक का पालन नहीं किया गया।
मेले का उद्घाटन उपायुक्त सुशील सारवान ने किया। साथ ही मेले में विभिन्न विभागों की योजनाओं को दर्शाते स्टॉलों का अवलोकन भी किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जरूरतमंद परिवारों के जीवन स्तर को उठाने के लिए मुख्यमंत्री ने दूरदर्शिता का परिचय दिया है। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ते कदमों में यह योजना बहुत लाभाकारी है। अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के प्रभावी रूप से क्रियान्वयन के लिए यह आयोजन किया गया है। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे तौर पर लाभार्थी को मिले, इसके लिए यह प्रयास है।
उन्होंने कहा कि सरकार की योजना के अनुसार गरीब परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में सरकार द्वारा अहम कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे परिवार, जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम है, उनकी आमदनी बढ़ाने का लक्ष्य है। परिवारों को अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए स्वरोजगार की ओर आना चाहिए। एसडीएम अश्वनी मलिक ने बताया कि समालखा खंड में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में कुल 1218 पात्र परिवार हैं।
अव्यवस्था का रहा माहौल
हेल्पडेस्क के काउंटर पर अव्यवस्था का माहौल दिखा। भीड़ के चलते लोगों को यह भी पता नहीं लग पा रहा था कि उन्हें किस स्टॉल पर जाना है। दरअसल, कर्मचारियों की कमी से दिक्कतें रही। वहां पर काउंटर नंबर, गांव के नामों की लिस्ट नहीं लगाई गई थी। बाद में एडीसी पानीपत एवं एसडीएम समालखा ने सभी हेल्प डेस्क के सामने काउंटर नंबर लगवाए। ग्रामीण अंचल की हेल्पडेस्क के फार्म तक खत्म हो गए। भीड़ के चलते सामाजिक दूरी के पालन की धज्जियां उड़ गईं। इस बारे में एडीसी वीना हुड्डा ने कई बार लोगों को समझाया, लेकिन वे मान नहीं रहे थे।