पानीपत। सरकारी विभागों में सार्वजनिक लेनदेन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए जल्द ही नई व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके तहत सभी काउंटरों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही नागरिकों को अपनी फाइल सीधे खिड़की पर ही जमा करने की सुविधा मिलेगी, जिससे उन्हें कार्यालयों में बाबू की कुर्सी तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कार्यभार संभालने के बाद सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहे हैं। यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता की शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि तहसील में रजिस्ट्री और अन्य कार्यों की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता रखी जा रही है। यदि कहीं भी गड़बड़ी सामने आती है तो विस्तृत जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों के समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए जिला सचिवालय में आयोजित जनता समाधान शिविर के अलावा वे स्वयं भी नियमित रूप से जनसुनवाई करेंगे। अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का भी समयबद्ध निवारण किया जाएगा।
बैठक में एडीसी अंकित चौकसे, एसडीएम पानीपत मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, नगराधीश टीनू पोसवाल और निर्वाचन तहसीलदार सुरेंद्र सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बड़े प्रोजेक्टों पर फोकस, विकास कार्यों में आएगी तेजी
उपायुक्त ने कहा कि जिले में विकास कार्यों को गति दी जाएगी और बड़े प्रोजेक्टों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर रहेगा। सभी विभागों से विकास कार्यों की नियमित रिपोर्ट ली जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
डुप्लीकेट वोट कटेंगे, मृत मतदाता और त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि हटाएंगे
उपायुक्त हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य किया जा रहा है। इसमें डुप्लीकेट वोट काटे जाएंगे। इसके साथ मृत मतदाता और अन्य त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों पर विशेष रूप से संज्ञान लिया जाएगा। मतदाता सूची में केवल पात्र और वास्तविक मतदाताओं का नाम ही दर्ज होगा। मतदाता सूची में त्रुटि होने पर चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। प्रत्येक नागरिक काे अपना नाम, पता और अन्य विवरण का सत्यापन जरूर करना चाहिए। सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक की जा चुकी है।