पानीपत। वार्ड 16 के विकास नगर की गली नंबर तीन में जितेंद्र दहिया के घर सीबीआई ने मंगलवार की रात दबिश देकर सीसीटीवी का डीवीआर, लैपटॉप, मोबाइल फोन, सिमकार्ड और संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए। वहीं जितेंद्र ने जिनके भी बैंक खातों में राशि का स्थानांतरण किया था उन सभी के बैंक खातों को सीज कर दिया गया। इनमें कई बैंक खाते विकास नगर के लोगों के भी हैं। सीबीआई को जितेंद्र के घर से कई अहम दस्तावेज भी मिले हैं।
जितेंद्र ने पिछले डेढ़ साल में विकास नगर में ही करोड़ों रुपये की संपत्ति की खरीद फरोख्त की थी। इन सभी के दस्तावेज सीबीआई के हाथ लग चुके हैं। पूरी दबिश के दौरान सीबीआई ने विकास नगर के ही कुछ लोगों को बतौर गवाह अंदर बैठाए रखा। इनके सामने जांच पड़ताल की प्रक्रिया चली। इस दौरान जितेंद्र के परिवार के कुछ लोग भी मकान के अंदर ही रहे। जांच पड़ताल के बाद निकले निष्कर्ष पर सीबीआई ने सभी गवाहों के हस्ताक्षर भी कराए। दोपहर करीब 11 बजे चली सीबीआई की ये दबिश रात को बारह बजे पूरी हुई। सीबीआई टीम से पहुंचे अधिकारी अखिलेश पांडेय से अमर उजाला टीम ने बातचीत करने का प्रयास भी किया लेकिन उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी। अखिलेश पांडेय के साथ छह अन्य अधिकारी भी दिल्ली सीबीआई मुख्यालय से आए थे। इनमें एक महिला अधिकारी भी शामिल थी। सीबीआई ने स्थानीय सेक्टर 29 थाना पुलिस को भी साथ लिया था।
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चर्चा ये भी रही
बताया जा रहा है कि सीबीआई ने जितेंद्र के घर से करीब 11 लाख रुपये की नकदी बरामद की है। वहीं, घर पर मिले सोने चांदी आदि के आभूषणों की वजन कर सूची भी तैयार की लेकिन जाते समय सीबीआई ने ये आभूषण जितेंद्र के परिवार के लोगों को दे दिए। हालांकि इसके साक्ष्य नहीं हैं। दबिश देने से पहले जो लोग सीबीआई के साथ अंदर गए उसके बाद सीबीआई ने किसी को भी मकान के अंदर नहीं आने दिया। रात को जितेंद्र के अन्य रिश्तेदार भी मौके पर पहुंच गए थे लेकिन सीबीआई ने किसी को अंदर एंट्री नहीं दी। पहले सीबीआई मकान सील करने की योजना बना रही थी लेकिन बाद में सीबीआई ने प्लान बदल दिया और मकान को सील नहीं किया। चर्चा यह भी रही कि जितेंद्र करीब डेढ़ साल से ऑनलाइन ट्रेडिंग, शेयर मार्केट, पैसे दोगुने करवाने जैसे काम कर रहा था। उसके पास सैकड़ों लोग ऑनलाइन पैसे भेज रहे थे। उसके कई बड़े महानगरों में कार्यालय हैं। दिवाली के दिन ही वह जेल से छूट कर आया था। बताया जा रहा है कि सोमवार को उसके बैंक खातों में एक बड़ी धनराशि आई। सीबीआई काफी समय से जितेंद्र के बैंक खातों पर नजर गड़ाए हुए थी। इस राशि के स्थानांतरण के बाद सीबीआई ने तुंरत दबिश कर दी। इस डेढ़ साल की समयावधि में उसने करोड़ों की संपत्ति और करोड़ों रुपये की नई कारेें भी खरीदीं। अब सीबीआई हर पहलू की जांच कर रही है।