पानीपत। हनी ट्रैप के मामले में छह दिन बाद नया मोड़ आ गया है। थाना शहर पुलिस ने आरोपी महिला के बयान पर करनाल के घरौंडा कस्बे के एक गांव के सरपंच, उसके मामा व दोस्त के खिलाफ सामूहिक दुराचार का मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि उसके साथ गुरुग्राम में सामूहिक दुराचार किया गया। चिकित्सक की जांच में भी महिला के साथ दुराचार होना सामने आया है।
गुरुग्राम महिला थाना पुलिस को जीरो एफआईआर भेजी गई है। महिला ने पुलिस के हनी ट्रैप के मामले का खुलासा करने के दिन ही उसको फंसाने के आरोप लगाए थे। पुलिस ने उस समय उसकी बातों को अनसुना कर दिया था। उसको रिमांड के बाद न्यायिक हिरासत में जेल में भेज दिया था। उसकी शनिवार को भी तबीयत बिगड़ गई थी। महिला ने पुलिस शिकायत में बताया है कि 21 दिसंबर को घरौंडा कस्बे के एक गांव के सरपंच ने उसे फोन कर गुरुग्राम में आयोजित पार्टी में चलने को कहा था। गुरुग्राम के एक होटल में सरपंच, उसके दोस्त व उसके मामा ने उसके साथ सामूहिक दुराचार किया। सरपंच ने साजिश रचकर उसे हनी ट्रैप केस में फंसवा दिया। महिला का आरोप है कि पैसे सरपंच ने ही पुलिस को दिए थे। पैसों के लेन-देन के पेपर पर साइन न करने पर उसे सीआईए स्टाफ में रिमांड लेने की भी धमकी दी।
यह है मामला : सरपंच ने थाना पुराना औद्योगिक को शिकायत दी थी। उसने बताया था कि पानीपत की एक महिला से दो माह पहले उसकी इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई और वो दोनों टोल प्लाजा के पास एक रेस्टोरेंट में मिले। महिला ने उसे बार-बार बाहर घुमाकर लाने के लिए ऑफर किया। वह 21 दिसंबर को दोस्त के साथ गुरुग्राम जा रहा था। महिला दोस्त ने उसे साथ चलने को कहा। गुरुग्राम में जाने के बाद दोस्त के कमरे पर महिला के साथ सहमति से संबंध बने।
पानीपत वापस लौटने पर महिला ने एक जानकार महिला व तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर उसे माॅडल टाउन थाना में ले जाकर दुष्कर्म के केस का डर दिखा 10 लाख रुपये मांगे। इसमें आठ लाख रुपये में सहमति बन गई। आरोपियों ने उससे एक लाख खाते व चार लाख रुपये नकद ले लिए। मामले में थाना पुलिस ने महिला व एक जानकार को गिरफ्तार कर उनसे 3.50 लाख रुपये बरामद किए थे।