पानीपत। गांव उग्राखेड़ी में अवैध रूप से चल रहे नशा मुक्ति केंद्र के संचालक के खिलाफ थाना चांदनी बाग में केस दर्ज किया गया है। शनिवार को केंद्र पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने स्वास्थ्य विभाग, जिला समाज कल्याण और पुलिस के साथ मिलकर छापा मारा था, यहां से 51 लोगों को रेस्क्यू कराया गया था। अनुमति के नाम पर केंद्र के एक कर्मचारी ने अस्थायी (प्रोविजनल) सर्टिफिकेट दिखाया, जिसका सत्यापन कराया जा रहा है।
जीवन सुरक्षा समिति बनाकर संचालक बिजेंद्र मलिक गांव उग्राखेड़ी में नशा मुक्ति केंद्र चला रहा था। इस केंद्र को स्वास्थ्य विभाग की ओर से अनुमति ही नहीं दी गई थी। इसका अवैध रूप से संचालन किया जा रहा था। शनिवार की शाम उपायुक्त की ओर से गठित कमेटी सिविल सर्जन और जिला समाज कल्याण अधिकारी को शामिल किया गया है। इन्हें मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के साथ भेजा गया। छापे के दौरान केंद्र का संचालक बिजेंद्र मलिक मौके पर नहीं मिला। कॉल करके बुलाने पर भी वह नहीं आया।
केंद्र पर सोनीपत के गांव रवखाना बादरी निवासी प्रवेश सिंह मिला। वह केंद्र को चलाने की अनुमति के पूरे दस्तावेज नहीं दिखा सका। उसने एक अस्थायी सर्टिफिकेट दिखाया, जिसे 30 जून 2021 को जारी किया गया था। इस सर्टिफिकेट का सत्यापन कराया जा रहा है। गठित कमेटी की शिकायत पर थाना चांदनीबाग पुलिस ने केंद्र संचालक बिजेंद्र सिंह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, मेंटल हेल्थ एक्ट और आईपीसी की धारा 420 के तहत केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने बताया कि केंद्र संचालक की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।