समालखा। आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार, हरियाणा कला परिषद, कत्थक केंद्र की ओर से पाइट कॉलेज में ‘11वें चलो थिएटर राष्ट्रीय नाट्य उत्सव’ का शुक्रवार को आयोजन किया गया। नाटक ‘सूर्य की अंतिम किरण से पहली किरण तक’ में कलाकारों ने पुरुष और स्त्री की संवेदनाएं दिखाई। इससे पूर्व इसका शुभारंभ मुख्य अतिथि रानी तायल ने किया। लेखक सुरेंद्र वर्मा के लिखित और रास कला मंच के रंगगुरु रवि मोहन द्वारा निर्देशित और कमल खट्टक के सह निर्देशन में नाटक के कलाकारों के अभिनय ने दर्शनों का मन मोह लिया।
नाटक में एक नारी की जिंदगी की हर वास्तविकता के चित्रण के साथ-साथ कतिपय स्थलों पर उसकी जनाकांक्षा और विडंबना को दर्शाया गया। नाटक में ओकाक्क की भूमिका में शेखर सिंह और शीलबती की भूमिका में अंकिता ने अभिनय से सबका मन मोह लिया। सुरेश, अजित, अभिमन्यु, आशीष सैनी, शिवानी दुबे, फराज सिद्दिकी ने अपने शानदार अभिनय ने हर दर्शक का मन मोह लिया। नाटक में स्त्री मन और उसकी इच्छाओं को देखकर दर्शकों ने खड़े होकर तालियों से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। संगीत निर्देशन श्रीधर नागराज ने किया।
इस मौके पर सुरेश तायल ने रास कला मंच के सभी कलाकारों को 11,000 रुपये का नकद इनाम दिया।
कोरस में कत्थक केंद्र के कलाकार अजय धनिया, अशोक कुमार, श्रेय्शी, इंद्राणी, सुस्मिता ने अपने नृत्य से नाटक की गरिमा को बढ़ाया। इस मौके पर डॉ. मधु शर्मा ने नाटक की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों को जानकारी दी। उन्हें जागरूक करते हुए नाटक पढ़ने की सलाह दी जिससे समाज में बदलाव हो सके। इस नाटक का छह भारतीय भाषाओं में अनुवाद हुआ है। मंच निर्माण दीपक शर्मा, संगीत संचालन आकाश, रूपसज्जा यशुदास, प्रकाश व्यवस्था पवन भारद्वाज और कमल खट्टक, मंच सहायक के रूप में गौरव, अजित, फराज, निशांत, सुनील भादू आदि रहे। इस अवसर पर डॉ. बीबी शर्मा, ओपी रनोलिया, सीए अनिल खुराना, कुलभूषण अरोड़ा, डॉ. राजेंद्र सैनी, तरुण मिगलानी आदि मौजूद रहे।
नाटक प्रस्तुति करते हुए कलाकार।- फोटो : Panipat