माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। श्री रामलीला कमेटी देवी मंदिर द्वारा वीरवार को रामलीला में ताड़का वध का मंचन किया। समाजसेवी अतुल मित्तल, नितेश मित्तल, श्री श्वेतांबर जैन एजुकेशन सोसाइटी के प्रधान जगदीश जैन मुख्यातिथि रहे।
गुरु विश्वामित्र ने महाराजा दशरथ को बताया कि जंगल में राक्षसों द्वारा उन्हें बहुत तंग किया जाता है। उनकी पूजा अर्चना व हवन आदि को विध्वंस कर देते हैं और उनका वध कर देते हैं। गुरु विश्वामित्र ने महाराजा दशरथ से उनकी रक्षा करने व राक्षसों का वध करने के लिए राम और लक्ष्मण को उनके साथ जंगल में भेजने का अनुरोध किया। दशरथ ने कहा कि दोनों राजकुमार अभी बहुत छोटे हैं। वे राक्षसों का सामना करने में असमर्थ हैं। गुरु विश्वामित्र के कहने पर दशरथ ने न चाहते हुए भी दोनों को जंगल में भेज दिया।राम और लक्ष्मण ने ताडका, सुबाहु व मारिच नाम के राक्षसों का वध किया व ऋषि मुनियों व साधु संयासियों को उनके भय से मुक्ति दिलाई। वे इसके बाद अयोध्या लौट रहे थे तो उनको राजा जनक का अपनी पुत्री सीता के स्वयंवर के लिए निमंत्रण पत्र मिला। वे राम और लक्ष्मण को लेकर जनकपुरी पहुंच गए। यहां वाटिका में राम और सीता ने एक दूसरे को देखा।
इस मौके पर कमेटी के सरप्रस्त गोबिंद गोयल, प्रधान आदर्श गुप्ता, उपप्रधान मनोज गोयल, महासचिव मनोज सिंगला, कोषाध्यक्ष संजय बंसल, सह सचिव विरेंद्र बंसल, पूर्व प्रधान नवल जिंदल मौजूद रहे।
सीता स्वयंवर का मंचन किया
श्री सनातन धर्म रामलीला सभा मॉडल टाउन द्वारा रामलीला में वीरवार को सीता स्वयंवर का मंचन किया गया। भीम गोडा में रामलीला ड्रामेटिक क्लब द्वारा रामलीला में राम वनवास का मंचन किया। इसके साथ श्री महावीर राम नाटक एकता क्लब द्वारा आठ मरला कॉलोनी में रामलीला का मंचन किया।