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उद्यमियों ने समस्या रखी तो बोर्ड चेयरमैन बोले, सम्मेलन में पहुंचो तो सीएम करेंगे सुनवाई

Wed, 08 Mar 2017 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
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पानीपत - फोटो : पानीपत
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अमर उजाला ब्यूरो
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पानीपत। केंद्र के बाद प्रदेश के बजट में कुछ स्पेशल न मिलने से नाखुश शहर के उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्रों में व्याप्त समस्याओं को हरियाणा व्यापार कल्याण बोर्ड के चेयरमैन गोपाल शरण गर्ग के सामने रखा। सभी ने उनसे समाधान की मांग की। बोर्ड के चेयरमैन ने उद्यमियों को समस्याओं के समाधान को लेकर अधिकारियों से बात करने की बत कही। साथ ही 26 मार्च को कुरुक्षेत्र में व्यापारी सम्मेलन में भीड़ जुटाने के लिए भी बोल दिया। उन्होंने कहा कि व्यापारी एक दिन उनके लिए प्रतिष्ठान बंद कर कुरुक्षेत्र पहुंच जाएं। वहां पर बिन मांगे सब कुछ मिल जाएगा। उद्यमियों ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन मिलने पर सम्मेलन में पहुंचने का आश्वासन दिया।
पानीपत डायर्स एसोसिएशन द्वारा मंगलवार को जीटी रोड स्थित एक होटल में कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें मुख्य अतिथि हरियाणा व्यापार कल्याण बोर्ड के चेयरमैन गोपाल शरण गर्ग रहे। बैठक में डायर्स एसोसिएशन, एक्सपोर्ट व ओल्ड इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने समस्याओं को चेयरमैन के सामने रखा। उन्होंने कहा कि अधिकारी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे। वे शहरी विधायक को लेकर मुख्यमंत्री तक मिल चुके हैं। उनको हर जगह केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं। उनको खुद को उद्योगपति कहने और क्षेत्र में इंडस्ट्री होने में शर्म आने लगी है।
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डायर्स एसोसिएशन के प्रधान बोले, समस्या ही समस्या
डायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा ने कहा कि पानीपत में 2002 में सेक्टर-24 पार्ट-टू डाई हाउसों के लिए सेक्टर काटा गया था। यहां पर करीब 550 इंडस्ट्री हैं, लेकिन सेक्टर में आने-जाने के लिए सड़क तक नहीं है। अधिकारी रास्ते के लिए एक्वायर की गई जमीन का अवार्ड तक नहीं दे रहे। सेक्टर में सीवर की भी समस्या है। अधिकारी सेक्टर के पानी की निकासी के प्रबंध करने की बजाय यहां पर दूर से पानी लाकर सीटीपी में डाल रहे हैं। उन्होंने सेक्टर में सीटीपी की कैपेसिटी बढ़ाने की भी मांग रखी। वरिष्ठ सदस्य दीनानाथ ने कहा कि पानीपत के लोगों ने अपने दम पर उद्योग स्थापित किए हैं। वे सरकार को हर साल टैक्स भी दे रहे हैं, लेकिन उनको सुविधा नहीं मिल रही।
ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया में समस्याएं गंभीर
ओल्ड इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान विनोद ग्रोवर ने कहा कि यह पानीपत का सबसे पुराना क्षेत्र है। इसे 1959 में स्थापित किया गया था। एरिया को पहले जिला उद्योग केंद्र देखता था। बाद में इसे एचएसआईडीसी को सौंप दिया गया। एचएसआईडी पूरे ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया को अपने नियमों से हटकर बताता है। यहां किसी तरह का विकास नहीं हो रहा। इंडस्ट्रियल एरिया में सड़क और सीवर की कोई सुविधा नहीं है। वे शहरी विधायक को साथ लेकर मुख्यमंत्री से मिले। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के पास भेज दिया। वे स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के पास पहुंचे तो उन्होंने किसी तरह का पत्र न आने का हवाला देकर टाल दिया। वे अधिकारियों से लेकर सरकार तक के सामने अपनी समस्याओं को रख चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। करीब 230 एकड़ में फैले औद्योगिक सेक्टर में करीब 250 इकाइयां हैं। उन्होंने चेयरमैन के सामने एचएसआईडीसी की बजाय नगर निगम के अंतर्गत औद्योगिक सेक्टर देने की मांग की।
अधिकारी और सरकार नहीं समझ रही इंडस्ट्री की अहमियत
पानीपत एक्सपोर्ट एसोसिएशन के संरक्षक रामनिवास गुप्ता ने बताया कि पानीपत से तीन हजार करोड़ रुपये का फॉरेन एक्सचेंज होता है। इसके बाद भी अधिकारी से लेकर सरकार तक पानीपत की इंडस्ट्री की अहमियत नहीं समझ रहे। यहां पर करीब डेढ़ लाख कामगार हैं। सरकार उद्योगों का ध्यान रखें तो पानीपत का उद्योग 50 प्रतिशत बढ़ सकता है। यहां पर कामगार भी बढ़कर दो लाख हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि पहले रोहतक में कोई जाता तक नहीं था, लेकिन आज रोहतक में उद्योग लगाने के लिए जमीन तक नहीं मिल रही। पानीपत का तो ऐतिहासिक महत्व भी है।
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26 को कुरुक्षेत्र में भीड़ जुटा दो, मुख्यमंत्री खुद समाधान कर देंगे
हरियाणा व्यापार कल्याण बोर्ड गोपाल शरण गर्ग ने कहा कि उद्यमियों और व्यापारियों की समस्या को वे और मुख्यमंत्री जानते हैं। 26 मार्च को कुरुक्षेत्र में व्यापारी सम्मेलन है। उस दिन पानीपत के उद्योगपति अपनी लेबर समेत वहां पहुंचकर दिखा दें। मुख्यमंत्री मनोहर लाल भीड़ को देखकर खुद ही सभी समस्याओं का समाधान कर देंगे। सम्मेलन में उद्योग और दूसरे विभागों के मंत्री भी होंगे। बोर्ड सरकार और व्यापारी के बीच कड़ी का काम करता है। वे इसी कड़ी को मजबूत बनाने में लगे हैं। 
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