पानीपत। रोडवेज डिपो से 66 बसों को परशुराम जयंती के लिए रोहतक समारोह में भेजा गया। जिसके बाद यात्रियों को लोकल और अन्य रूटाें पर बसों की कमी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। पानीपत से रोहतक के लिए कुल 113 बसों को भेजा गया। जिसमें 66 बसें रोडवेज डिपो से और 36 बसें आरटीओ द्वारा व 15 बसों को जींद डिपो से लाकर रोहतक रैली के लिए भेजा गया।
रोडवेज डिपो से इससे पहले भी कई बार अन्य जिलों में हुई रैली और समारोह में बसों को भेजा जा चुका है। जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में भी सप्ताह के अंतिम दिनों में कार्यदिवस के लिए बसों को समारोह में भेजना परेशानी का सबब बना हुआ है। शुक्रवार को सुबह ही अधिकारियों द्वारा दिशा-निर्देश देकर बसों को रवाना किया गया। जिसके बाद देर रात बसें समारोह से लौटी और सुबह ही बसों को उनके निर्धारित रूटों पर रवाना किया गया।
पानीपत से अंबाला जाने वाले यात्री लोकेश, रामबीर, राजेंद्र और सुरेश ने बताया कि वह सुबह से ही बस स्टैंड पर बस के इंतजार में खड़े है लेकिन कई घंटे बीत जाने के बाद भी कोई भी बस अंबाला के लिए उपलब्ध नहीं हो पाई। जिसके कारण उन्हें अन्य वाहनों पर निर्भर होकर अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचना पड़ा। साथ ही लोकल रूटों पर भी बसों का संचालन नहीं होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने रोडवेज अधिकारियों से स्थिति को ठीक करने की मांग की है। जिससे अन्य यात्रियों को परेशानी न हो। रोडवेज डिपो महाप्रबंधक विक्रम कांबोज ने बताया कि शुक्रवार को रोहतक में आयोजित परशुराम जयंती समारोह में बसों को भेजा गया था। बसें देर रात समारोह से लौटी, जिन्हें शनिवार सुबह ही निर्धारित रुटों पर रवाना किया गया।