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अस्पतालों में बगैर डॉक्टरों और नर्स के बजट बढ़ाने का कोई फायदा नहीं

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देश कोरोना काल में गंभीर संकट से उभर रहा है, औद्योगिक शहर होने के कारण पानीपत भी इससे अछूता नहीं रहा। सरकार ने कोरोना से सीख लेते हुए अपने स्वास्थ्य बजट को करीब डेढ़ गुना बढ़ा दिया है। पहले के 94 हजार करोड़ के बजट को बढ़ाकर 2.38 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। हालांकि चिकित्सा जगत की इस पर मिलीजुली प्रतिक्रिया है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य का बजट बढ़ाए जाने का स्वागत है, जो बहुत ही पहले हो जाना चाहिए था, लेकिन सरकार ने डॉक्टरों और नर्स के रिक्त पदों को भरने की दिशा में बजट में कोई प्रावधान नहीं किया। इनके बिना स्वास्थ्य बजट बढ़ाए जाने की कोई अहमियत नहीं है।
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स्वास्थ्य को लेकर सरकार गंभीर दिखी, अच्छी बात है
स्वास्थ्य को लेकर सरकार ने गंभीरता दिखाई है। अच्छी बात है सरकार ने आईसीयू जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं शुरू करने की बात कही है, इससे सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में लोगों को महत्वपूर्ण सेवाएं मिलेंगी। सरकार ने स्वास्थ्य केंद्रों में बॉयोलोजिकल लैब खोलने का भी फैसला किया है। सरकार का बजट सराहनीय है।
- डॉ. तेजेंद्र खरबंदा, पार्क अस्पताल
सरकार लोगों के बेहतर स्वास्थ्य को लेकर गंभीर
केंद्र सरकार का बजट काफी सराहनीय है। सरकार ने हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए बजट पेश किया है। कोरोना काल ने देश को काफी कुछ सिखा दिया है। इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार ने बजट को ढाई गुना तक बढ़ा दिया है। स्वास्थ्य जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए बजट दिखाता है कि सरकार कितनी गंभीर है। बजट बहुत अधिक सराहनीय है।
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- डॉ. अर्चना गुप्ता, संचालक अर्चना डायगनोस्टिक सेंटर, सेक्टर 11
बजट से गरीब रोगियों को काफी फायदा मिलेगा, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण चीजें गायब
सरकार आत्म निर्भर हेल्थ केयर स्कीम लेकर आ रही है। ये गरीब रोगियों के लिए काफी फायदेमंद रहेगी। सरकार ने बजट को बढ़ाकर अचछा कदम उठाया है। सरकार को ऐसा गंभीर कदम पहले ही उठाना चाहिए था, लेकिन इस बजट में कुछ चीजे गायब है। सरकार ने पहले कहा था कि वो पीपीपी मोड़ पर सरकारी सेवाओं को लेकर आएंगे। इसमें निजी अस्पताल संचालकों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में अपनी सेवाएं देनी थी, इससे लोगों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर ईलाज मिलना था। इस बजट में उन बातों का जिक्र नहीं है।
- डॉ. अभिनव, डॉक्टर प्रेम अस्पताल
सरकार स्वास्थ्य केंद्रों में न डॉक्टर दिए न नर्स
सरकार पहले सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ उपलब्ध कराएं। सरकारी अस्पतालों में ना डॉक्टर है और ना ही स्टाफ नर्स। सरकार को हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देने की जरूरत है। ये बजट सरकार का पॉलिटिकल स्टंट ज्यादा लगता है। सरकार को मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए।
- डॉ. प्रेम सिंगला, संचालक सिंगला अस्पताल
डॉक्टर और स्टाफ के बिना बजट की कोई अहमियत नहीं
सरकार ने बजट को बढ़ा दिया है ये अच्छी बात है, लेकिन सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर व अन्य स्टाफ होना चाहिए। सरकार का आईसीयू जैसी सुविधा उपलब्ध कराना अच्छी बात है। सरकार ने स्वास्थ्य लैब, पब्लिक हेल्थ यूनिट अउैर नेशनल हेल्थ सेंटर खोलने की बात कही है। ये अच्छी बात है, लेकिन बिना डॉक्टरों व स्टाफ के बजट की कोई अहमियत नहीं रह जाती।
- डॉ. वेद प्रकाश, प्रधान इंडियन मेडिकल एसोसिएशन
सरकार का ये कदम बहुत सराहनीय है, ये बहुत बड़ी बात है
कोरोना काल में सरकार का ये बहुत अच्छा कदम है। हेल्थ इंज वेल्थ। कोरोना काल ने हमें बहुत कुछ सिखा दिया है। सरकार को डॉक्टरों की भर्ती पर भी ध्यान देना चाहिए। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने की बहुत अधिक जरूरत है।सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में बच्चों की डाइट को कुछ नहीं किया, जबकि यह बीमारियों की जड़ है।
- डॉ. पूनम जागलान, डाइटिनिशन, पार्क अस्पताल
सरकार ने बजट बढ़ाया है, अच्छी बात है, लेकिन डॉक्टरों की उपलब्धता पर ध्यान जरूरी
सरकार ने बजट बढ़ाकर अच्छा किया है। सरकार का बजट ये दिखाता है कि सरकार स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है, लेकिन सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को लेकर सरकार को गंभीर होना चाहिए। अस्पतालों में डॉक्टरों की भर्ती पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ तब होगा जब यहां पर मैन पावर होगी।
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- डॉ. प्रवीण कादियान, संचालक दा मेडिसिटी अस्पताल
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