- वारदात के दौरान हत्यारोपी दोनों भाई भी हो गए थे घायल, चार माह पहले हुए झगड़े की थी रंजिश
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। थाना मतलौडा क्षेत्र के नैन गांव में ट्रक चालक मोनू की हत्या के मामले का एक सप्ताह बाद पुलिस ने खुलासा कर दिया। सीआईए-2 की टीम ने सोमवार शाम को हत्यारोपी जोनी निवासी परढाना को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने भाई रोहित और अन्य दोस्तों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। इसमें वे दोनों भाई भी घायल हो गए थे और एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। अस्पताल से छुट्टी मिलते ही पुलिस ने दबोच लिया।
आरोपी ने बताया कि मई माह में हुए झगड़े के बाद से उनके बीच रंजिश चल रही थी। पुलिस ने मंगलवार को आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। डीएसपी सुरेश सैनी ने बताया कि 19 अगस्त की रात को करीब 10 बजे मतलौडा थाना क्षेत्र के नैन गांव के रजवाहे की पटरी पर चाकू मारकर ट्रक चालक मोनू की हत्या कर दी गई थी। मोनू मूल रूप से कैथल जिले के खरौदी गांव के रहने वाले थे और अपनी बुआ के घर नैन गांव में रहे रहे थे। बुआ के बेटे रवि ने मुकदमा दर्ज कराया था।
उनका कहना था कि 24 मई को चाचा ब्रह्मपाल के साथ गांव निवासी मोहित व आशीष ने अपने साथियों के साथ मिलकर मारपीट की थी। जिसकी उन्होंने थाना मतलौडा में शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया था। तब से मोहित, आशीष, अश्वनी व परढाना गांव निवासी जोनी व मोहित उनके परिवार से रंजिश रखते थे। 19 अगस्त की रात 8:20 बजे मोहित ने उनके चाचा ब्रह्मपाल को फोन कर धमकी दी थी कि उनके परिवार का आज कोई भी व्यक्ति मिला तो उसको खत्म कर देंगे।
शराब के ठेके पर दे गए थे धमकी
19 अगस्त की रात करीब 9:20 बजे मोहित, आशीष, अश्वनी, जोनी व रोहित शराब ठेके के पास आए व धमकी देकर गए। इसके बाद वह अपने ममेरे भाई मोनू, महीपाल व सुनील के साथ घर लौट रहे थे। सुनील व मोनू नहर के पास पहुंचे तो वहां पहले से खड़े मोहित, रोहित, जोनी, आशीष व अश्वनी ने रास्ता रोककर बाइक को रुकवाकर चाकू से मोनू पर हमला कर दिया था। वारदात के समय जोनी और उसका सगा भाई रोहित भी घायल हो गए थे। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां पर दोनों का इलाज चल रहा था। सोमवार को जोनी को अस्पताल से छुट्टी मिली थी।