पानीपत। जन स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत ब्लॉक रिसॉर्स कोआर्डिनेटर (बीआरसी) खुद खाली पेट रहकर दूसरों को जल संरक्षण का संदेश देना पड़ रहा है। कारण बीआरसी को कई माह से वेतन नहीं मिल पा रहा है। उनकी समझ में नहीं आ रहा कि वे क्या करें और क्या न करें।
जन स्वास्थ्य विभाग ने जल संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से लोगों को जागृत करने का बीआरसी नियुक्त किए हैं। ये बीआरसी गांव-गांव जाकर कार्यक्रम निर्धारित करते हैं। कई तरह के कार्यक्रम आयोजित करके लोगों को जागृत करते हैं। उनके प्रयासाें का भी असर कई बार देखने को मिलता है, लेकिन औरों को जागरूक करने का संदेश देने वाले खुद ही परेशान हैं।
इस समय जिला में पांच बीआरसी हैं। हर ब्लाक पर एक बीआरसी नियुक्त किया है। हर बीआरसी को अपने-अपने ब्लाक में कार्यक्रम आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी है। विभाग द्वारा कार्यरत सभी बीआरसी कई तरह के जागरूक कार्यक्रम आयेजित करते रहते हैं। जल संरक्षण के तहत जागरूकता संदेश देने के लिए नुक्कड़ नाटक, स्कूल रैली, पंचायतों की बैठक, पोस्टर या पंफलेट लगाए जाते हैं।
बीआरसी को पिछले करीब पांच माह से वेतन नहीं मिल रहा है। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान तेजपाल सिंह ने बताया कि जन स्वास्थ्य विभाग ने इस समय प्रदेश के 21 जिलों में हर जगह एक-एक कंसलटेंट (जिला सलाहकार) व 125 बीआरसी (खंड संसाधन संयोजक) नियुक्त किए हुए हैं।
सभी को कांट्रेक्ट बेस पर नियुक्त किया है। वेतन नहीं मिलने पर बीआरसी को भारी परेशानी हो रही है। नाम न छापने की शर्त पर बीआरसी ने बताया कई तो दूर-दराज के क्षेत्रों से आकर यहां रह रहे हैं। वेतन नहीं मिलने की स्थिति में उन्हें परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। किराए के मकान में रहना मुश्किल है। इसके अलावा घर चलाने के लिए कई तरह की बहुत सी चीजों की आवश्यकता भी होती है। वेतन नहीं मिलने पर भारी परेशानी हो रही है।
वर्जन
बीआरसी को वेतन नहीं मिलने से संबंधित मामला संज्ञान मेें आया हुआ है। इस बारे में आलाधिकारियों से बातचीत की जा रही है। जल्द ही बीआरसी को वेतन मिल जाएगा।
एसके गर्ग, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग, पानीपत