पानीपत। एचएसवीपी (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) दोनों एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) और सीईटीपी (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) का अपग्रेड करेगा। इसके लिए 117.61 करोड़ रुपये के तीन प्रस्ताव बनाए हैं। निदेशालय से मंजूरी के बाद इन कामों को आगे किया जाएगा। आरडब्ल्यूए की बैठक के बाद प्राधिकरण की इंजीनियरिंग शाखा इसमें तेजी लेकर आई है।
हुडा सेक्टर्स कांफिडेरेशन के बैनर तले अधिकारियों के साथ 28 नवंबर को बैठक की थी। आरडब्ल्यूए ने सेक्टरों में विकास कार्य न होने की शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी विकास कार्यों के टेंडर में पारदर्शिता नहीं ला रहे हैं। ऐसे में सेक्टरवासियों को काम की पूरी जानकारी नहीं मिल पाती। आरडब्ल्यूए किसी काम की मांग करती है तो अधिकारी टेंडर खत्म होने या फिर टेंडर प्रस्तावित होने की बात कहते हैं। ऐसे में भ्रम की स्थिति पैदा होती है। अधिकारियों ने इसमें पारदर्शिता लाने का भरोसा दिया था। प्राधिकरण ने अब तीन कार्यों के टेंडर लगाए हैं।
एसटीपी पर खर्च हाेंगे 27.68 करोड़
प्राधिकरण 15 एमएलडी एमपीएस और पांच एमएलडी क्षमता एसटीपी के लिए डीपीआर तैयार की है। पांच एमएलडी क्षमता सीटीपी सभी तरह से पूर्ण होगा। जिसमें महीने का ट्रायल रन और एक वर्ष का डीएलपी निशुल्क और सेक्टर-8,में यूई पानीपत में दोष दायित्व अवधि के बाद पांच वर्ष के लिए संचालन और रखरखाव शामिल है। इसकी लागत 27.68 करोड़ रुपये तय की है। यह काम वित्तीय वर्ष 2025-26 में किया जाएगा। इसके लिए बजट पुनर्विनियोजन की मांग की है।
सीईटीपी पी-1 के लिए 51.28 करोड़ का प्रस्ताव
सेक्टर-29 में 21 एमएलडी के कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (पीएच-I) के उन्नयन के लिए डीपीआर तैयार की है। इस पर लागत 51.28 करोड़ का अनुमान लगाया है। यह कार्य निचली कार्य समिति की बैठक में पास किया गया है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट की मांग की है। प्राधिकरण का दावा है कि इसी साल काम पूरा किया जाएगा।
सीईटीपी पी-1 के लिए 38.65 करोड़ का प्रस्ताव
सेक्टर-29 स्थित 21 एमएलडी कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (पीएच-II) के उन्नयन के लिए 38.65 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की है। अधीक्षण अभियंता ने इसके लिए निर्देशित किया है। इसे निचली कार्य समिति की बैठक मंजूरी दी गई है। यह कार्य भी वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट के पुनर्विनियोजन मांग की है।