माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच के दौरान उरलाना कलां से लिए गए बर्फी और मिल्क केक के दोनों नमूने फेल पाए गए। इनमें एक नमूना अनसेफ और दूसरा सब-स्टैंडर्ड मिला। अनसेफ पाए गए नमूने में डिटर्जेंट और सिंथेटिक रंग की मिलावट सामने आई।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार मार्च तक जिले में लिए गए 89 नमूनों में 14 फेल पाए गए हैं। इनमें छह अनसेफ और आठ सब-स्टैंडर्ड श्रेणी में दर्ज किए गए।
n मिलावटी खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए जोखिम
खाद्य पदार्थों में डिटर्जेंट, सिंथेटिक रंग या अन्य अनुपयुक्त रसायनों की मिलावट स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है। ऐसे पदार्थों के सेवन से पाचन तंत्र प्रभावित होने के साथ अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं, लंबे समय तक हानिकारक रसायनों के संपर्क में रहने से शरीर के विभिन्न अंगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा रहता है। सब-स्टैंडर्ड खाद्य पदार्थों में निर्धारित मानकों के अनुरूप पोषक तत्व या वसा की मात्रा कम हो सकती है।
n छह अनसेफ मामलों की सीजेएम कोर्ट में सुनवाई
जिले में अनसेफ पाए गए छह मामलों की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में चल रही है। वहीं, आठ सब-स्टैंडर्ड मामलों की सुनवाई अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) स्तर पर लंबित है।
उरलाना से नौ नए नमूने, रिपोर्ट का इंतजार : उरलाना कलां में दोबारा शिकायतें मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने हाल ही में नौ नए नमूने लिए हैं। इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद नमूनों में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी कमी की स्थिति स्पष्ट होगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उरलाना कलां में शिकायत के बाद नौ नए नमूने लिए गए हैं और उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। इससे पहले जिले में लिए गए 89 नमूनों में 14 फेल पाए गए थे। इनमें अनसेफ नमूनों में डिटर्जेंट और सिंथेटिक रंग जैसी मिलावट मिली थी। सभी मामलों में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है। नई रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. बीरेंद्र यादव, अभिहीत अधिकारी, खाद्य सुरक्षा विभाग, पानीपत