माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल के एक हजार यूनिट क्षमता वाले ब्लड बैंक को अपग्रेड किया जा रहा है। यहां ब्लड कंपोनेंट मशीन लाने की तैयारी की जा रही है। रिफाइनरी की मदद से यह मशीन स्वास्थ्य विभाग को मिलेगी। इस संबंध में रिफाइनरी अधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी है।
गौरतलब है कि यह मशीन डेंगू, बर्न केस, थैलेसीमिया व एड्स के मामलों में लाभकारी होगी। अब मरीजों को ब्लड कंपोनेंट मशीन के लिए पीजीआई व दूसरे जिलों की रोजाना दौड़ लगानी पड़ रही है।
मशीन खून में शामिल तत्वों को करती है अलग : ब्लड सेपरेटर मशीन खून में शामिल तत्वों को अलग अलग कर देती है। यह मशीन लाल रक्त कणिकाएं (आरबीसी), श्वेत रक्त कणिकाएं (डब्ल्यूबीसी), प्लेटलेट्स, प्लाजमा, फ्रेश फ्रोजन प्लाजमा (एफएफपी) को अलग कर देती है।
एक बोतल से चार लोगों की बचाई जाएगी जिंदगी : पैथालॉजिस्ट डॉ. रजत गुप्ता विशेषज्ञों के अनुसार थैलेसीमिया के मरीजों को आरबीसी, डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स, बर्न के मरीजों को प्लाजमा व एफएफपी व एड्स के मरीजों को डब्ल्यूबीसी की जरूरत पड़ती है। इस मशीन के आने के आने के बाद मरीज को पूरी बोतल खून चढ़ाने के बजाए आवश्यक तत्व ही चढाएं जाते हैं। एक बोतल खून में से चार मरीजों की जिंदगी बचाई जा सकती है।
फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन विभाग से लेनी होगी अनुमति ः यदि मशीन स्थापित भी कर दी गई तो भी उसका लाभ एकदम से मरीजों को मिलना शुरू नहीं हो सकेगा। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन विभाग (एफडीए) से अनुमति जरूरी है। एफडीए बाकायदा लाइसेंस जारी करता है। मशीन आने के बाद निरीक्षण प्रक्रिया पूरी की जाती है।
अस्पताल में जल्द ही ब्लड बैंक स्थापित किया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा सभी तैयारियां कर ली गई है। ब्लड बैंक में ब्लड कंपोनेंट मशीन भी लगाई जाएगी। इससे बहुत से मरीजों को लाभ मिलेगा। इसके लिए सीएम को डिमांड भेजी गई है। जल्द ही मशीन आएगी। - डाॅ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन,पानीपत।