पानीपत। भयंकर धुंध के कारण जन जीवन पूरी तरह से प्रभावित है। शहर के ब्लाइंड कट वाहन चालकों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहे हैं। हर साल दर्जनों लोगों की मौत इन ब्लाइंड व डेंजर कट पर हो जाती है। हादसों के बाद प्रशासन मुस्तैदी दिखाता है लेकिन स्थाई समाधान नहीं निकालता। पुलिस के बड़े अधिकारी कई बार इन डेंजर कटों पर पुलिस व होम गार्ड के जवानों को तैनात करने के दावे कर चुके हैं लेकिन यह दावे जमीन पर दिखाई नहीं दिए। शहर में मुख्य रूप से आठ ब्लाइंड व डेंजर कट है। जो धुंध में काफी खतरनाक साबित हो सकते हैं।
सेक्टर 18 कट:
शहर का सबसे खतरनाक कट सेक्टर 18 कट को माना जाता है। टोल प्लाजा पार करते हुए एक अवैध कट बनाया गया है। यह सालों से लोगों की मौत का कारण बन रहा है। सेक्टर 18 की ओर से करनाल जाने वाले व पानीपत की ओर से सेक्टर 18 जाने वाले लोग इस कट का इस्तेमाल करते हैं। कट से गुजरते हुए लोग तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आते हैं।
खादी आश्रम के सामने, एलेवेटिड हाईवे पर:
खादी आश्रम के सामने एलेवेटिड हाईवे पर शहर के लोगों के लिए कट बनाया गया है ताकि लोग फ्लाईओवर का इस्तेमाल कर सके और टोल प्लाजा जा सके लेकिन अब तक कट का गलत इस्तेमाल हो रहा है। वाहन चालक नांगलखेड़ी से एलेवेटिड हाईवे पर चढ़ इस कट से नीचे उतर रहे हैं। ऐसे में यहां कई हादसे हो चुके हैं। यहां वाहन चालकों के लिए कोई सूचक बोर्ड नहीं लगाया गया है।
सेक्टर 25 के सामने-
लोगों की मांग पर सेक्टर 25 के सामने एलेवेटिड हाईवे का कट खोला गया है। लोग फ्लाईओवर से आते हुए इस कट से नीचे उतरकर रॉन्ग साइड चलते हैं। यहां कई हादसे हो चुके हैं। यहां पुलिस को एक जवान कुछ दिन के लिए तैनात भी किया था। इसके बाद उसे हटा लिया गया।
टोल प्लाजा के पास यू टर्न-
टोल प्लाजा से पहले बना कट भी काफी खतरनाक साबित हो रहा है। यह कट फ्लाईओवर से उतर यू टर्न लेने वाले वाहन चालकों के लिए बनाया गया है। यहां भी कई हादसे हो चुके हैं।
राधा स्वामी सत्संग रोड कट-
राधा स्वामी सत्संग रोड से जीटी रोड पर आने वाले वाहन चालक भी सड़क हादसों का शिकार होते हैं। यहां सूचक बोर्ड नहीं लगाए और नही ब्रेकर बनाए गए। जीटी रोड की ओर से आने वाले वाहन चालकों के लिए यह ब्लाइंड कट ही है।
पुलिस जांच में यहां मिल रहे सबसे अधिक हादसे-
हाईवे पर गांजबड़, बडौली, बाबरपुर मंडी, टोल प्लाजा, यमुना एनक्लेव कट, मलिक पेट्रोल पंप के सामने और अनाज मंडी कट के पास हादसे होते हैं। इसी तरह से नांगल खेड़ी के पास बीबीएमबी कट के सामने, सिवाह, पुलिस लाइन, समालखा अनाज मंडी के सामने, पट्टीकल्याणा के पास भी कट पर हादसे होते हैं। इसी तरह से रोहतक-पानीपत हाईवे पर बिझौल मोड़, डाहर चौक, नौल्था और शाहपुर, असंध रोड पर खुखराना, ऊंटला, नारा गांव के पास, सनौली रोड पर उग्राखेड़ी के सामने, निबरी मोड़, छाजपुर और सनौली के पास हादसे होते हैं। यहां पर दिशा सूचकों का अभाव है। इसी कारण से वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते हैं।
वर्जन-
डीएसपी ट्रैफिक सुरेश कुमार ने बताया कि धुंध को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस मुस्तैद है। डेंटर कटों पर पुलिस कर्मचारी व होमगार्ड के जवान भी तैनात है। सूचक बोर्ड भी लगाए गए हैं। लोगों से अपील है कि वह धुंध में सावधानी बरतें। धीमी गति से वाहन चलाए। गाड़ी में म्यूजिक का प्रयोग करने से बचें। शार्टकट न अपनाएं।