सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा व कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष तंवर ने जिला स्तरीय सम्मेलन में कार्यकर्ताओं में ताकत फूंकी और लोकसभा के परिणाम को भुलाकर विधानसभा चुनाव को लेकर तैयार रहने का पाठ पढ़ाया।
वे करीब दो घंटे तक कार्यकर्ताओं के बीच रहे और कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने का आश्वासन दिया। कांग्रेस का जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन रविवार को एसडी विद्या मंदिर सेक्टर-11/12 में हुआ।
सीएम हुड्डा व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर पहुंचे। पार्टी प्रभारी शकील अहमद व सह सचिव आशा कुमारी के बारे में शामिल होने का कई दिन से प्रचार किया जा रहा था लेकिन वे नहीं पहुंचे। सीएम ने कहा कि लोकसभा चुनाव के नतीजे सामने हैं। इन पर मंथन की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के एक व्यक्ति ने प्रदेश व देशवासियों को सपना दिखाया था लेकिन कुछ नहीं हो सका है। कांग्रेस छोड़ने वाले नेता व कार्यकर्ता खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के एक व्यक्ति ने वोट बटोरे लेकिन वे भी देश को कुछ नहीं दे सकेंगे।
उनका बजट जल्द ही आने वाला है। जिसमें सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को एकजुट रहना होगा। इससे पार्टी मजबूत होगी और प्रदेश में तीसरी बार कांग्रेस की सरकार बनेगी।
केंद्र दिल्ली को बिजली नहीं दे पा रहा
प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर करने के लिए उनके बीच पहुंची है और पांच जून को सोनीपत से जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन शुरू किए हैं।
भाजपा की केंद्र सरकार दिल्ली को बिजली तक नहीं दे पा रही है। प्रदेश के कार्यकर्ताओं को लोकसभा के चुनाव की गलतियों को सुधार कर विधानसभा के लिए एकजुटता की जरूरत है।
प्रदेश में जिला स्तरीय सम्मेलन 28 जून तक चलेंगे। इसके बाद विधानसभा व खंड स्तर पर रैली करेंगे और ग्रामीण क्षेत्रों का भी दौरा करेंगे।
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता गर्मी में पसीना बहाएं तो तो विधानसभा में पार्टी की जीत को कोई नहीं रोक सकता। एमपी, एमएलए व जिला परिषद अध्यक्ष संयुक्त रूप से लोगों के बीच में आएं। इससे प्रदेश में कांग्रेस की छाप मजबूत होगी।
भाजपा राज में कई हमले, कांग्रेस राज में एक ही हमला
मुख्यमंत्री के राजनीति सलाहकार प्रो. वीरेंद्र ने कहा कि जून की तपती गर्मी में सीएम कार्यकर्ताओं के बीच आए हैं। वे हर जिले के कार्यकर्ता से रूबरू होना चाहते हैं।
लोकसभा चुनाव के बाद राजनीतिज्ञों ने समीक्षा की। जिसमें से कई बातें सामने आई। जिनमें से एक सबसे बड़ी बात सामने आई वह बीजेपी कार्यकर्ताओं की नाराजगी।
बीजेपी के नाराज कार्यकर्ताओं ने लोकसभा चुनाव में कई जगह भाजपा प्रत्याशियों का विरोध किया था। बीजेपी को वर्करों की जरूरत नहीं है। भाजपा में बड़े नेताओं की अनदेखी हो रही है।
भाजपा राज में संसद, अक्षरधाम व लालकिला सहित कई हमले हुए जबकि कांग्रेस राज में ताज होटल पर एक ही हमला हुआ। इसका सरकार ने कड़ा जवाब दिया।
उन्होंने कहा भाजपा वादों से पलट रही है और शुरुआत में ही डीजल के रेट 50 पैसे बढ़ा दिए हैं। भाजपा अफसरशाही को मजबूत करना चाहती है और प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को मंत्री को छोड़कर सीधे संवाद करने की छूट दे दी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा गुजरात से कई गुना आगे हैं।
भाजपा का बंद लिफाफा हवा से भरा हुआ है। इनेलो भी दो सीट नरेंद्र मोदी के नाम पर जीत पाया है। वे भाजपा के दंभ पर जीतने के लिए देवीलाल को ही भूल गए।
बेबे चुप बैठ जा, पता चल गया है...
शहरी विधायक बलबीर पाल शाह ने कार्यकर्ता सम्मेलन में एक महिला नेत्री द्वारा बार-बार सीएम के जयकारे लगाने पर टोक दिया। शाह ने कहा कि बेबे चुप बैठ जा, पता लग गया है तू आ रही है। इस पर नेत्री चुप होकर बैठ गई।
कार्यकर्ताओं की नहीं सुनी, जताई नाराजगी
सम्मेलन में कई कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई और उनकी सुनवाई न होने की बात कही। उन्होंने सीएम के आने से पहले भी भड़ास निकाली और सीएम की मौजूदगी में भी अनदेखी को जाहिर किया।
कुछ कार्यकर्ता बार-बार खड़े होने लगे। सीएम के राजनीति सलाहकार प्रो. वीरेंद्र सिंह ने मामले को संभाला और नाराज कार्यकर्ताओं को समझाया।
ये रहे मौजूद
सीएम के राजनीति सलाहकार प्रो. वीरेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री कर्ण सिंह दलाल, पूर्व मंत्री एवं प्रवक्ता बिजेंद्र सिंह बिल्लू, ग्रामीण विधायक ओपी जैन, समालखा विधायक धर्म सिंह छौक्कर, जिला परिषद की चेयरपर्सन ज्योति जागलान, डॉ. जसबीर जागलान, राजरानी पूनम, प्रसन्नी देवी, सीपीएस जयवीर वाल्मीकि, प्रदेश प्रवक्ता कर्मबीर सैनी, ग्रामीण के पूर्व अध्यक्ष जगदेव मलिक, शहरी अध्यक्ष दीपचंद फुलिया, बलबीर वाल्मीकि, डॉ. कर्ण सिंह कादियान, खुशीराम जागलान, संजीव मलिक मौजूद रहे।