बिंझौल गांव में लक्ष्य, वंश व अरुण की हत्या के मामले में बुुधवार को ग्रामीण एसडीएम से सांकेतिक धरने के लिए अनुमति मांगने पहुंचे। जहां एसडीएम भी इस मामले में अपना हाथ पीछे खींचते नजर आए। उन्होंने ग्रामीणों को कहा कि वह इस मामले में डीसी से मिलें, उन्हें इस मामले से दूर रखें। इसके बाद ग्रामीण डीसी कार्यालय पहुंचे, लेकिन डीसी धमेंद्र नहीं मिले, ग्रामीण उनके पीए से मिले। जिन्होंने परमिशन के लिए मना कर दिया।
वहीं दूसरी ओर एसआईटी टीम करनाल ने वीरवार को चारों आरोपियों के पालीग्राफ टेस्ट के लिए प्रश्नों की सूची तैयार कर एफएसएल टीम को सौंप दी है। चारों आरोपियों में हर आरोपी से 15 प्रश्न पूूछे जाएंगे। इसके अलावा वीरवार को चारों आरोपियों की कराई गई कोविड-19 की रिपोर्ट भी आएगी। रिपोर्ट आने के तुरंत बाद एसआईटी टीम उनका पॉलीग्राफ टेस्ट कराएंगी। वहीं वीरवार को दोपहर तक मधुबन से विसरा रिपोर्ट से संभावना है। इसके अलावा तीसरी डायटम टेस्ट की भी रिपोर्ट आएगी। अभी तक एसआईटी की जांच विसरा रिपोर्ट पर अटक गई है, उसके आने के बाद ही आगामी कार्रवाई शुरू होगी। ग्रामीण देर शाम एसपी करनाल से मिलने पहुंचे और अभी तक की जांच के बारे में जानकारी ली। एसपी करनाल सुरेंद्र सिंह भौरिया ने उन्हें जल्द मासूमों की मौत का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।
परिजनों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन
गांव बिंझौल में बुधवार को पूर्व परिवहन मंत्री व इसराना हल्के के पूर्व विधायक कृष्णलाल पंवार पहुंचे। उन्होंने मृतक मासूमों के परिवार को आश्वासन दिया कि उन्होंने एसपी से इस मामले में बात की है, और एसपी से निष्पक्ष जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई करने की अपील की है।
एसपी से मिलने पहुंचे ग्रामीणों से की धरना रोकने की अपील की
पानीपत में अनुमति नहीं मिलने पर ग्रामीण बुुधवार शाम को पूव डीएसपी व अन्य सदस्य करनाल एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया से मिले। एसपी ने उनसे दोबारा दो दिन का समय मांगा और धरना रोकने की अपील की। जिसके बाद ग्रामीणों ने फैसला किया है कि वह अब गांव में धरना जारी रखेेंगे।
अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने पर मिलीं लाठिया : राम रत्न
पानीपत के आजाद उम्मीदवार राम रत्न शर्मा भी गांव बिंझौल पहुंचे और ग्रामीणों से मिले। जिन्होंने कहा कि जब जब गरीब ने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई है, उसे कठिनाईयों का सामना करना पड़ा है। वह किसी भी हाल में पीछे नहीं हटेंगे।