अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। गर्मी के मौसम शनिवार को तेज आंधी के साथ बारिश और हल्की ओलावृष्टि हुई। पानीपत ब्लॉक में चार और बापौली में तीन एमएमए बारिश दर्ज की गई। मतलौडा, इसराना और समालखा में बूंदाबांदी हुई। खरीद एजेंसियों की लापरवाही से मंडियों में करीब 15 लाख बैग बारिश में भीग गए। बिजली सप्लाई प्रभावित हुई और 16 फीडरों को ब्रेक डाउन करना पड़ा। इससे गर्मी शहर के कई हिस्सों की बिजली गुल हो गई। बारिश और पावर कट से शहरवासी बेहाल दिखे। मंडियों में गेहूं भीगने से खरीद एजेंसियों, किसानों और आढ़तियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। बारिश के चलते असंध रोड और गोहाना रोड रेलवे अंडरपास में पानी भर गया। मौसम विशेषज्ञों ने अगले 24 घंटे तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने के संकेत दिए हैं। हालांकि, बारिश के बाद तापमान में करीब पांच डिग्री गिरावट आने से लोगों ने कुछ राहत महसूस की।
शनिवार सुबह से आसमान साफ था और तेज गर्मी के चलते लोगों का घर से निकलना भी मुश्किल हो रहा था। दोपहर तक लोग धूप और भीषण गर्मी से बचने के लिए विभिन्न तरीके अपनाते रहे। दोपहर बाद करीब ढाई बजे मौसम ने एकदम से करवट ली और तेज आंधी आ गई। इससे बिजली निगम अधिकारियों ने फाल्ट की आशंका के कारण कई फीडरों की बिजली सप्लाई बंद कर दी। करीब एक घंटे चली आंधी के बाद तेज बारिश शुरू हो गई। पानीपत और बापौली ब्लॉक में करीब आधे घंटे तक बारिश हुई।
गर्मी से मिली कुछ राहत
बारिश से पहले दोपहर तक शहर में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री था। मौसम के अचानक पलटा खाने से तापमान पांच डिग्री तक लुढ़क गया। इससे आम आदमी ने थोड़ी राहत महसूस की। शाम होते-होते मौसम बदलने के बाद ठंडी हवाएं भी चलने लगीं। अप्रैल की शुरुआत से ही तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। भीषण गर्मी के कारण लोग परेशान होने लगे हैं। शुक्रवार रात भी तापमान में बढ़ोतरी हुई थी। पिछले करीब एक सप्ताह से तापमान में वृद्धि जारी रही। दो दिन पूर्व तापमान इतना अधिक हो गया कि धूप में निकलने पर पसीने छूटने लगे थे। अचानक हुई ओलावृष्टि से जहां लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है।
शहर के अंडरपासों में भरा पानी
शहर में करीब चार एमएम बारिश ने ही सीवर और नालों की सफाई की पोल खोल दी। डीसी ने दो दिन पहले ही अधिकारियों की बाढ़ प्रबंधन को लेकर बैठक की थी। इसमें अधिकारियों को 15 दिन का समय दिया था। अधिकारियों ने अब तक इस दिशा में काम शुरू नहीं किया है। इसका ही नतीजा रहा कि शहर के असंध रोड और गोहाना रोड रेलवे अंडरपास में पानी भर गया। लोगों को ओवरब्रिज का सहारा लेना पड़ा। शहर के कई हिस्सों में भी पानी भर गया।
कहां कितना भीगा गेहूं
मंडी गेहूं के भीगे बैग खुला पड़ा गेहूं
पानीपत 2.50 लाख 3 हजार क्विंटल
इसराना दो लाख 2500 क्विंटल
मतलौडा पांच लाख दो हजार क्विंटल
बापौली 60 हजार 2 हजार क्विंटल
सनौली 50 हजार 1500 क्विंटल
अभी तक ढाई लाख एमटी गेहूं खरीदा
मंडी मीट्रिक टन
अहर 8200
बबैल 4650
बाबरपुर 15,580
बापौली 22,450
छिछड़ाना 7796
इसराना 15,136
मतलौडा 60,445
नौल्था 6463
पानीपत 30,752
समालखा 64190
सनौली 9487
उरलाना कला 2155
नोट : जिले की सभी 12 मंडियों में सरकारी एजेंसियों ने अभी तक करीब ढाई लाख एमटी गेहूं की खरीद की है। इसमें से एक लाख 48 हजार 943 एमटी गेहूं का ही उठान हो सका है।
आने वाले दिनों में यह रहेगा तापमान
दिन अधिकतम न्यूनतम मौसम
रविवार 40 24 बादल छाए रहेंगे
सोमवार 39 25 बूंदाबांदी
मंगलवार 38 24 बूंदाबांदी
बुधवार 37 23 बादल छाए रहेंगे
वीरवार 38 26 बादल छाए रहेंगे
शुक्रवार 41 26 बादल छाए रहेंगे
तेज हवाओं का बिजली को झटका
गर्मी के मौसम की पहली ओलावृष्टि के चलते तापमान में गिरावट आई है। लेकिन, तेज हवाएं चलने से बिजली निगम को 15 फीडरों को बंद करना पड़ा। कई घंटे तक फीडर बंद रहे। मॉडल टाउन के दो फीडर लाइन में फॉल्ट आने के कारण तीन घंटे तक बंद रहे। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी हुई। ओलावृष्टि के बाद उमस बढ़ने और बिजली के कटों ने शहरवासियों को बेहाल कर दिया। उमस से शहरवासी पसीना-पसीना हो गए। बताया जा रहा है कि तेज हवाओं के चलते ही बिजली निगम ने 15 फीडरों को करीब एक घंटे तक फीडरों को बंद कर दिया। मॉडल टाउन सब डिविजन के अंतर्गत दो फीडर बंद रहने से असंध रोड, अग्रसेन कालोनी, फ्रेंड्स कॉलोनी, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, दीवान नगर, पूरेवाल कॉलोनी, हरीबाग कॉलोनी, मॉडल टाउन का कुछ क्षेत्र, भाटिया कॉलोनी, रोशन लाल कॉलोनी, आर्य नगर, लतीफ गार्डन, बसंत नगर, न्यू बसंत नगर में शनिवार दोपहर एक से चार बजे तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित रही। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि तेज हवाएं और ओलावृष्टि बंद होने के बाद सभी फीडर चालू कर दिए गए थे। 95 प्रतिशत फीडरों से बिजली की सप्लाई सुचारु रही।
शनिवार दोपहर बाद अचानक चली तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण बिजली फीडरों को कुछ देर के लिए बंद करना पड़ा था। ओलावृष्टि और तेज हवाएं बंद होने के तुरंत बाद सभी फीडर चालू कर दिए गए थे। सभी क्षेत्रों में बिजली सप्लाई सुचारु कर दी गई है।
मुकेश कौशिक, प्रभारी, पावर कट।
अनाज मंडी गेहूं से भरी हुई है। गेहूं की खरीद समय पर हो रही है। लेकिन, लिफ्टिंग समय पर न होने से परेशानी बढ़ रही है। वेयर हाउस के पेमेंट समय पर नहीं मिल रहे। इससे किसान और आढ़ती परेशान हैं। इस समस्या की तरफ प्रशासन को शीघ्र ध्यान देना चाहिए।
जयभगवान गोयल, संरक्षक, अनाज मंडी।