पानीपत। जिला परिषद की अध्यक्ष काजल देशवाल की कुर्सी एक साल में ही खतरे में पड़ गई है। अतिरिक्त उपायुक्त ने उनका बीसी प्रमाण पत्र रद्द कर दिया है। काजल देशवाल ने इसी प्रमाणपत्र के आधार पर बीसी आरक्षित वार्ड-13 से जिला परिषद के सदस्य का चुनाव जीता था। वे ज्योति शर्मा के खिलाफ अविश्वास लाकर 15 जून 2024 को जिला परिषद की अध्यक्ष बनी थी।
अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. पंकज ने काजल देशवाल के जाति प्रमाणपत्र को शुक्रवार को रद्द किया है। उन्होंने इसका आदेश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिया हैं। जिसमें कहा है कि काजल का कहार जाति का जाति प्रमाण पत्र, परिवार पहचान पत्र की जांच की गई है। जाति के आधार पर ऑनलाइन माध्यम से सरल पोर्टल से जारी किया जाता है।
जिस पर जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त के डिजिटल हस्ताक्षर होते हैं। यूपी के सहारनपुर जिला के जिलाधिकारी ने काजल निवासी ग्राम घुन्ना जिला सहारनपुर हाल निवासी गांव कुराड़ की जाति हिंदू राजपूत होना बताया है। जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त ने अपनी शक्तियाें का प्रयोग करते हुए काजल का कहार जाति का बैकवर्ड क्लास सर्टिफिकेट तत्काल प्रभाव से रद्द करने का आदेश जारी कर दिए। उन्होंने आदेश दिया कि यह प्रमाणपत्र किसी भी प्रकार के लाभ के लिए मान्य नहीं होगा।
अब यह होगा : काजल देशवाल ने बीसी आरक्षित वार्ड-13 से जिला परिषद सदस्य का चुनाव जीता था। वे इसी के आधार पर अध्यक्ष बनी थी। अब प्रमाण पत्र रद्द होने पर उनकी सदस्यता खत्म की जा सकती है। इसके बाद जिस अध्यक्ष के पद से भी हटाया जा सकता है। काजल देशवाल के पति संदीप देशवाल ने बताया कि आरोप निराधार हैं। वे इस मामले को लेकर उच्चाधिकारियों से मिलेंगे।
यह है मामला : बिहौली गांव के प्रदीप शर्मा ने गत दिनों मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि जिला परिषद की अध्यक्ष काजल देशवाल ने पार्षद के चुनाव में फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाया है। उनका आरोप है कि काजल देशवाल सामान्य जाति से हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने इसकी जांच पंचायत विभाग के निदेशक को दी थी। निदेशक ने उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया से इसकी रिपोर्ट ली थी। उपायुक्त ने अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. पंकज को जांच सौंपी थी। डॉ. पंकज ने सहारनपुर के डीएम से रिपोर्ट ली थी। रिपोर्ट में काजल सामान्य राजपूत जाति से संबंधित मिलीं। इस संबंध में निदेशक ने 28 मई को काजल देशवाल के बयान दर्ज किए थे।