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सरकारी बैंकों की हड़ताल, पांच सौ करोड़ अटके

Fri, 08 Jan 2016 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
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ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के आह्वान पर जिलेभर सरकारी बैंकों की हड़ताल उपभोक्ताओं पर भारी पड़ गई और उपभोक्ताओं को लेन-देन के लिए दिनभर बैंकों के चक्कर काटने पड़े। काफी उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ा। जिसके चलते जिले में करीब पांच सौ करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ।

यूनियन ने सरकार विरोधी नारेबाजी की और मांगों को लागू न होने तक संघर्ष तेज करने की चेतावनी दी। बैंकों यूनियन अचानक हड़ताल से उपभोक्ता भी सकते में रहे। ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के आह्वान पर सरकारी बैंकों के कर्मी शुक्रवार को तीन दिन ही हड़ताल पर चले गए। यूनियन ने  बैनर तले बैंक अधिकारी व कर्मी सुबह जीटी रोड स्थित यूनियन बैंक के कार्यालय के बाहर एकत्रित हुई। यूनियन नेताओं एसबीआई के प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया।
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यूनियन के राज्य संयुक्त सचिव केसी अग्रवाल ने बताया कि मुख्य श्रम आयुक्त ने सुलह वार्ता में बैंक प्रबंधन को नई सेवा शर्त लागू करने से मना किया था, लेकिन अब उन्हीं सेवा शर्तों को थौंपा जा रहा है। इसी कारण मजबूरन हड़ताल करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि हड़ताल का जिलेभर में व्यापक असर रहा। इससे करीब पांच सौ करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि पांच बैंकों में स्वीपर पद की स्थायी नौकरी को खत्म कर इन कार्यों को ठेके पर दिए जाने की योजना बनाई गई है। इस मौके पर विजेंद्र राणा, विनोद मिगलानी, केसी गुप्ता सहित मौजूद रहे।

इन पांच बैंकों के समर्थन में रखी गई हड़ताल
एसबीआई के पांच सहयोगी बैंकों जिनमें स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर और स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर शामिल हैं। इन पर नई सेवा शर्तें एसबीआई द्वारा थौंपे जाने के आरोप हैं। इन्हीं बैंकों के समर्थन में ऑल इंडिया बैंक एंप्लाइज पावर एसोसिएशन के बैनर तले सभी सरकारी बैंकों के कर्मचारियों ने हड़ताल की। इन बैंकों में सरकार की पॉलिसी के अनुसार कर्मचारी की मौत पर एक्सग्रेसिया का सही तरीके से उसके परिजनों का लाभ न देना, बैंकों का निजीकरण करना, एसबीआई द्वारा सेवा शर्तों का थौंपना आदि के विरोध में यह हड़ताल रखी गई।

यह रहा हड़ताल का असर
शुक्रवार को सरकारी बैंकों की हड़ताल का व्यापक असर रहा। पंजाब नेशनल बैंक यूनियन के प्रदेश संगठन सचिव राकेश गेरा ने बताया कि जिले में करीब 225 विभिन्न बैंकों की शाखाएं हैं। इनमें से करीब 25 शाखाएं एसबीआई व करीब 75 शाखाएं विभिन्न प्राइवेट बैंकों की हैं। करीब 100 शाखाओं में शुक्रवार को काम नहीं हुआ। स्टेट बैंक ऑफ पटियाला बैंक एंप्लाइज एसोसिएशन के सहायक सचिव विनीत व जिला सचिव नरेंद्र देशवाल ने बताया कि हड़ताल तीन दिन तक रहेेगी। ऐसे में अब सोमवार को ही बैंक खुलने से उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिल पाएगी।
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बैंक उपभोक्ताओं को उठानी पड़ी परेशानी
पानीपत के औद्योगिक नगरी होने पर लेन-देन सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। एक अनुमान के अनुसार करीब पांव सौ करोड़ का लेन-देन प्रभावित हुआ। सुबह बैंकों में लेन-देन करने पहुंचे उपभोक्ताओं को हड़ताल के चलते उल्टे पैर लौटना पड़ा। वहीं पानीपत में फोरेन ट्रांजेक्शन व उद्योग होने के चलते करीब पांच सौ करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित रहा।
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