पानीपत। भारतीय किसान यूनियन ने जिला प्रधान जयकरण कादियान की अध्यक्षता में कोऑपरेटिव बैंक के मुख्यालय के सामने प्रदर्शन किया। प्रधान ने कहा कि बैंक ने नोटबंदी के सिर्फ चार दिन ही पुराने नोट जमा किए। लेकिन 14 नवंबर के बाद से किसानों का लेन देन बैंक से बिलकुल बंद कर दिया है। जिस कारण किसानों को अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों का लेन देन, लोन लेना और देना कोऑपरेटिव बैंक से होता है। 500 व 1000 के पुराने नोटों के बंद होने के कारण किसानों का कोऑपरेटिव बैंक से लेन देन होने के कारण काम काज बंद पड़ा हुई है। किसानों की फसल बुआई का समय है लेकिन बैंक से उन्हें पैंसे नहीं मिलने कारण बुआई करने में अधिक परेशानी हो रही है। किसान यूनियन ने सरकार से मांग की है कि इस बैंक में किसानों के लेन-देन के नोटों का काम शुरू किया जाए। किसानों पर करीब 391.14 करोड़ का कर्जा बकाया पड़ा हुआ है जो बैंक ने किसानों से लेना है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक दिन के लिए सांकेतिक धरना है।
अगर सरकार ने किसानों की समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया तो भाकियू लंबा आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। इस मौके पर उप प्रधान बिंटू मलिक, महासचिव प्रेम सिंह देशवाल, ओमप्रकाश जाटल, सुंदरपाल ब्लॉक प्रधान बापौली, सुरेंद्र ब्लॉक प्रधान समालखा, तेजपाल रावल, आजाद सिंह मलिक, सतनारायण, वजीर सिंह, महाबीर बलाना, सोनू उग्रा खेड़ी, राम सिंह व चांद सिंह मौजूद रहे।
कोऑपरेटिव सोसाइटी में 10 से 13 नवंबर तक पैसे लिए गए हैं, लेकिन 14 को नोटिस आने के बाद पुराने नोटों का लेन-देन बिलकुल ही बंद कर दिया गया। बैंक द्वारा आरबीआई को प्रार्थना पत्र भेजा गया है। आरबीआई व उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार पैसों का लेन-देन शुरू कर दिया जाएगा।
विजय सिंह, महाप्रबंधक, कोऑपरेटिव सोसाइटी पानीपत।