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Panipat News: टैक्सी चालक और दुकानों पर काम करने वाले नौकरों के नाम पर खुलवाए थे बैंक में खाते

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माई सिटी रिपोर्टर
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पानीपत। फर्जी फर्म के नाम से बैंक में दो अलग-अलग खाते खुलवाकर 52 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में पानीपत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चार खाता धारकों समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनमें दिल्ली के करोल बाग निवासी सन्नी और पटेल नगर निवासी निशांत, सोनीपत के गन्नौर के धर्मेंद्र, प्रमोद और सुनील व हिमाचल प्रदेश के शिमला निवासी अंशुल शामिल हैं। साइबर ठगों ने टैक्सी चालकों, दुकान पर काम करने वाले नौकरों के नाम पर फर्जी फर्म बनाकर खाते खुलवाए थे। इसके लिए उन्हें दो प्रतिशत तक कमीशन दिया जाता था। पुलिस अब दोनों के मास्टरमाइंड की तलाश में लगी हुई है।
हरियाणा साइबर क्राइम पुलिस ने प्रदेश के 91 बैंक शाखाओं में संदिग्ध खातों की जांच की थी। जिसमें 11 खाते बैंक ऑफ इंडिया की पानीपत ब्रांच के थे। इनमें से ट्रू आर्टिफिशियल ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड हैंडलूम टावल मार्केट के खाते में पांच दिसंबर 2024 से 19 जुलाई 2025 के बीच 51.82 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया। यह खाता दिल्ली के करोल बाग निवासी सन्नी और निशांत के नाम पर था। सोनीपत के गन्नौर निवासी धर्मेंद्र और प्रमोद के नाम पर इंडो कैरियर्स एजेंसी के नाम से खोले गए खाते में करीब 32.93 रुपये की ठगी की गई।
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मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस आरोपियों को तलाश कर रही थी। तीन दिन पहले पानीपत पुलिस ने दिल्ली निवासी सन्नी और निशांत को गिरफ्तार किया था। सन्नी टैक्सी चालक है और निशांत एक कपड़े की दुकान पर काम करता है। उनके नाम से शिमला के रहने वाले अंशुल ने इंडो कैरियर्स एजेंसी बनाकर खाता खुलवाया था। अंशुल ने यह खाता एक लाख रुपये में आगे साइबर ठगों को बेच दिया था। साथ ही ट्रांजेक्शन पर दो प्रतिशत का कमीशन भी मिलता था।


टैक्सी चालक और दुकान के कर्मचारी के खाते में डलवाए 51.82 करोड
ट्रू आर्टिफिशियल ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड फर्म के नाम से खाता धर्मेंद्र और प्रमोद के नाम पर खुलवाया गया था। यह खाता गन्नौर के ही रहने वाले सुनील ने खुलवाया था। सुनील की गन्नौर में ई-रिक्शा की दुकान है। जिस पर प्रमोद काम करता है। वहीं धर्मेंद्र टैक्सी चालक है। सुनील ने यह खाता अपने एक अन्य साथी को आठ लाख रुपये में बेच दिया था। जिसमें से खाताधारकों को एक एक-एक लाख रुपये दिए गए थे। साथ ही दो प्रतिशत कमीशन भी भेजा जा रहा था। इस खाते में साइबर ठगों ने 51.82 करोड़ मंगवाए और जिसमें से 51.79 करोड़ रुपये निकाल लिए गए थे। पुलिस ने इन तीनों को भी बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। वीरवार को सुनील, धर्मेंद्र, अंशुल और प्रमोद को अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया है।
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साइबर ठगी के मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के नाम पर खाते खुलताए गए थे। अब उनके अन्य साथियों की तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं। जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
-भूपेंद्र सिंह, एसपी पानीपत।

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