माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। औद्योगिक नगरी पानीपत में अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशियों ने फैक्टरियों के आस-पास की कॉलोनियों को ठिकाना बनाया है। शहर से देहात तक कई ऐसी कॉलोनी हैं जहां पर बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रहते पकड़े गए हैं। हाल में पुलिस ने छह सदस्यों के एक परिवार को पकड़ा था। यह परिवार भी फैक्टरी के पास एक छोटे से मकान में रहा था। खास बात यह है कि पुलिस अब तक 47 बांग्लादेशियों को पकड़ चुकी है जिनमें से 37 को वापस भेजा जा चुका है। वहीं, 150 से अधिक की जांच की जा रही है।
औद्योगिक नगरी में करीब दो से तीन लाख श्रमिक फैक्टरियों में काम करते हैं। इनमें ज्यादातर पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। इन श्रमिकों की आड़ में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक जिले में अलग-अलग क्षेत्रों में रहते हैं। इनमें नांगलखेड़ी फ्लोरा चौक, बतरा कॉलोनी, सेक्टर-25 व 29 के आस-पास की कॉलोनियों में रहते हैं। पुलिस व खुफिया विभाग की टीम इन क्षेत्रों में संदिग्धों पर नजर रखती है। आठ माह में पानीपत पुलिस 43 बांग्लादेशियों को पकड़ चुकी है। ज्यादातर इन्हीं क्षेत्रों में रहते हुए मिले हैं। साथ ही 150 से अधिक संदिग्धों की अभी जांच चल रही है।
फैक्टरियों के अंदर बने क्वार्टर हॉटस्पॉट
पानीपत में ज्यादातर फैक्टरियों में अंदर ही क्वार्टर बनाए गए हैं। जहां पर श्रमिक बड़ी संख्या में रहते हैं। ऐसे में उनका बाहर से ज्यादा संपर्क नहीं रकता। इस कारण बांग्लादेशी नागरिक भी ठेकेदारों के माध्यम से यहां पर ठिकाना बना लेते हैं। इसके बाद छुपकर यहां रहते हैं। वहीं मुस्लिम बहुल कॉलोनियों में किराये के मकान में रहने लगते हैं।
जिले में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 47 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जा चुके हैं। ज्यादातर फैक्टरियों के आस-पास की कॉलोनी में ही रहते हुए मिले।
-सतीश वत्स, डीएसपी मुख्यालय