फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: आज से 35 दिन के लिए बैंड-बाजा और बारात शुरू

Sat, 01 Nov 2025 03:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। विष्णु भगवान चार महीने की निद्रा के बाद शनिवार एक नवंबर को उठेंगे। जिसे देवउठनी एकादशी के रूप में मनाया जाता है। चार महीने के बाद मांगलिक कार्य शुरू होंगे। लगभग 35 दिन शादी के शुभ मुहूर्त में सबसे ज्यादा शहनाइयां बजेंगी।
विज्ञापन

एक और दो नवंबर को सबसे ज्यादा शादी के शुभ मुहूर्त हैं। शादियों के लिए पहले ही जिले में बैंक्वेट हाल और बैंडबाजा की बुक हो चुके हैं। धार्मिक पंचाग में इस बार दो एकादशी हैं। गृहस्थ जीवन के लिए शुभ एकादशी एक और विष्णु भगवान के लिए व्रत करने वाली एकादशी दो नवंबर को मनाई जाएगी। इस दिन शादियों के मुहूर्त अधिक होने से शहर में वाहन चालकों को जाम की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। देवउठनी एकादशी के साथ आज से शादी विवाह और मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। देवउठनी एकादशी एक नवंबर को गृहस्थ जीवन के लिए शुभ है और विष्णु भगवान को प्रसन्न करने के लिए व्रत दो नवंबर को किया जाएगा। इस दिन तुलसी विवाह किया जाएगा। धार्मिक पंचाग के अनुसार कुछ लोगों दसवीं में एकादशी को शुभ मानते हैं जबकि कुछ इस शुभ नहीं मानते हैं। इसलिए एक बार एकादशी एक और दो नवंबर को मनाई जाएगी। पंडित प्रवीन शास्त्री ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि देवशयनी एकादशी तिथि से भगवान विष्णु क्षीरसागर में विश्राम करने चले जाते हैं। यही कारण है कि इस तिथि से सभी मांगलिक कार्य भी बंद हो जाते हैं और देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु अपनी निद्रा से जागते हैं और चातुर्मास समाप्त होता है। भगवान विष्णु के निद्रा से जागने के साथ ही सभी मांगलिक कार्य भी शुरू हो जाते हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें