प्रवचन करते माता सुदीक्षा महाराज और राजपति रमित। स्रोत : केंद्र
समालखा। संत निरंकारी मिशन द्वारा बाबा हरदेव सिंह की स्मृति में संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल समालखा संत समागम का आयोजन कया गया। श्रद्धालुओं ने सतगुरु के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज ने कहा कि बाबा का संपूर्ण जीवन मानवता, सेवा और प्रेमा भक्ति का दिव्य उदाहरण रहा। उन्होंने प्रेरित किया कि मानव जीवन का प्रत्येक क्षण सार्थक बने और हर पल इंसानियत, करुणा एवं मानवीय मूल्यों का प्रमाण प्रस्तुत करे। बाबा जी ने सदैव यही शिक्षा दी कि प्रत्येक व्यक्ति अपने भीतर मानवीय गुण विकसित कर निराकार का आसरा लेते हुए सार्थक एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन जीएं। उन्होंने कहा कि यदि किसी के जीवन में दुख, पीड़ा या संघर्ष है तो हमारा कर्तव्य उसे बढ़ाना नहीं बल्कि प्रेम, संवेदनशीलता और सहयोग से उसे शांत करना है। यही बाबा जी की शिक्षाओं का सार और सच्ची मानवता का स्वरूप है। सतगुरु माता ने कहा कि ब्रह्मज्ञान प्राप्त होने के पश्चात जीवन केवल व्यक्तिगत सीमाओं तक नहीं रहता, बल्कि समस्त मानवता के कल्याण का माध्यम बन जाता है।