पानीपत। जिले के बुआना लाखू के आयुष मुक्केबाजी में न केवल जिले बल्कि प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। अपनी मुक्के का दम दिखाते हुए आयुष जिला स्तरीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता में अब तक चार स्वर्ण पदक जीत चुके हैं और एक बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लिया हालांकि इसमें भार ज्यादा होने की वजह से खेल नहीं पाए। इसके साथ ही नवंबर में स्कूल गेम फेडरेशन ऑफ इंडिया मुक्केबाजी प्रतियोगिता में आयुष ने भाग लिया। हालांकि इस प्रतियोगिता में वह कोई पदक नहीं जीत पाए।
आयुष के पिता सरेंद्र पेशे से बॉक्सिंग कोच है जो गांव में ही अपनी पीएस स्पोर्ट्स एकेडमी में आसपास के गांव के बच्चों के मुक्केबाजी प्रशिक्षण देते हैं। आयुष के पिता ही उनके कोच हैं। आयुष की मां कविता गृहिणी हैं। आयुष फिलहाल 11 वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं। आयुष के माता-पिता बचपन से ही उन्हें मुक्केबाजी में आगे बढ़ते हुए देखना चाहते हैं। आयुष के पिता सुरेंद्र कुमार ने बताया कि आयुष को बचपन से ही मुक्केबाजी ही तैयारी करवा रहे हैं। आयुष पढ़ाई और अपने खेल दोनों को पूरा समय देते हैं। सुबह-शाम मुक्केबाजी अभ्यास करते हैं। उनका सपना है कि आयुष मुक्केबाजी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतकर देश का नाम रोशन करें। खिलाड़ी आयुष ने बताया कि उनका पिता ही उनके कोच हैं। अपने पिता से प्रेरित होकर ही वह मुक्केबाजी में आगे बढ़ रहे हैं। वह बचपन से ही अपने पिता के मार्गदर्शन में मुक्केबाजी के गुर सीख रहे हैं। उनकी खेलों में रुचि तो बचपन से ही रही है लेकिन मुक्केबाजी में आगे बढ़ने में उनके पिता का अहम योगदान है।
जब भी किसी प्रतियोगिता में हार का सामना करना पड़ता है तो उनके पिता समझाते हैं कि एक खिलाड़ी को हार और जीत दोनों से ही कुछ न कुछ सीखने को मिलते है। उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतकर देश का नाम रोशन करना