भोड़वाल माजरी में 23 से 26 अक्तूबर तक होगा वार्षिक समागम
एक महीने से दिन-रात जुटे हजारों सेवादार, सात से आठ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
जगमहेंद्र सरोहा
समालखा (पानीपत)। भोड़वाल माजरी स्थित संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर 23 से 26 अक्तूबर तक होने वाले वार्षिक समागम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस बार समागम की मुख्य थीम ‘जागृति’ रखी गई है, जो श्रद्धालुओं को वैचारिक और आध्यात्मिक रूप से सजग रहने का संदेश देगी। पिछले वर्ष समागम की थीम ‘आत्ममंथन’ थी। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पिछले एक महीने से हजारों सेवादार दिन-रात जुटे हुए हैं।
650 एकड़ का परिसर चार मैदानों में विभाजित
करीब 650 एकड़ में फैले आध्यात्मिक स्थल को बेहतर प्रबंधन के लिए ए, बी, सी और डी नाम के चार मैदानों में बांटा गया है। प्रत्येक मैदान में श्रद्धालुओं के ठहरने, सामुदायिक भोजन और वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। विशाल पंडालों और मंचों का निर्माण भी अंतिम दौर में है। इसके साथ ही रास्तों, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त किया जा रहा है।
सात से आठ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
मिशन के सचिव अशोक सुखीजा ने बताया कि इस बार समागम में देश-विदेश से सात से आठ लाख अनुयायियों के पहुंचने का अनुमान है। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन के साथ समन्वय कर सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष प्रबंध किए गए हैं।
चार विशाल रसोइयों में तैयार होगा लंगर
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चारों मैदानों में एक-एक विशाल रसोई संचालित की जाएगी। इनमें हजारों सेवादार लंगर सेवा संभालेंगे। भोजन वितरण के साथ साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सा शिविर और पेयजल की व्यवस्था भी की गई है।
सेवा दल संभालेगा व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी
समागम स्थल पर अनुशासन और सुरक्षा बनाए रखने के लिए मिशन का सेवा दल जिम्मेदारी संभालेगा। जीटी रोड से समागम स्थल तक यातायात सुचारू रखने के लिए विशेष रूट प्लान तैयार किया गया है। मिशन की ओर से श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
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