कथा सुनाते राधे राधे महाराज। स्रोत : स्वयं
- दीवान नगर स्थित बाबा बत्ती वाला मंदिर कुटिया में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। असंध रोड दीवान नगर स्थित बाबा बत्ती वाला मंदिर कुटिया में श्रीमद्भागवत कथा का सोमवार को दूसरा दिन रहा। कथावाचक पंडित राधे राधे महाराज ने विकास मंच से श्रद्धालुओं को भागवत कथा के आदित्य दिवस के बारे में बताया। राधे महाराज ने कहा कि इस कालखंड के अंदर कलयुग में केवल भगवान की प्राप्ति ही सबसे मुश्किल कार्य है। आप अपने कार्य में अधिक परिश्रम करके धन अर्जित कर सकते हैं। उसे धन से आप भोग विलास की वस्तुएं खरीद सकते हैं पर भोग विलास से परिवार का सृजन नहीं कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सोना, चांदी, हीरे, जेवरात व मकान-दुकान सब कुछ आप परिश्रम करके कमा सकते हैं लेकिन यदि सबसे महंगी कोई वस्तु है तो वह भगवान की प्राप्ति या भगवान की भक्ति है। भगवान की भक्ति सरल नहीं है क्योंकि भगवान की भक्ति के लिए समर्पण चाहिए और समर्पण के साथ आपकी आस्था होनी चाहिए। जब आपकी आस्था होगी तो उसे आस्था के सहारे ही भक्ति प्रकट होगी। भक्ति प्रकट होने पर आप भगवान की प्राप्ति कर सकते हैं। ऐसा शास्त्र कहते हैं। भगवान की भक्ति आप समर्पण भाव से प्राप्त कर सकते हैं। यदि आप भगवान की भक्ति करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको सर्वप्रथम आस्था प्रकट करनी होगी। हृदय के अंदर आस्था तभी प्रकट हो सकती है जब मन के अंदर विकारों की संख्या कम होगी।
महाराज ने कहा कि संसार की वस्तुएं संसार में रह जाती हैं लेकिन इस संसार में यदि आप भक्ति को प्राप्त करेंगे तो आपके साथ परलोक भी जाएगी और परलोक में भी केवल भक्ति ही जा सकती है और कुछ नहीं जा पाएगा क्योंकि यह शरीर और यह शरीर के साथ लगे हुए सांसारिक वस्तुएं संसार में ही रह जाती हैं संसार से यदि जाता है तो दिया हुआ दान किया हुआ पुण्य की हुई भक्ति ही जा सकती है। इस अवसर पर ओम प्रकाश सोढ़ी, बालकिशन ढींगरा, देवेंद्र कुमार ग्रोवर, सुशील चोपड़ा, मोहित सिदवानी, डॉ. गोविंद सोढ़ी व भीम सैन बतरा उपस्थित रहे।
कथा सुनाते राधे राधे महाराज। स्रोत : स्वयं