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बिना ड्यूटी मजिस्ट्रेट थी लाठी चार्ज की तैयारी

Thu, 20 Aug 2015 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
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पहले चौकी से सौ मीटर की दूरी पर हत्या कर शव को जलाया और अब चौकी के सामने ही लोगों ने शव चौक के बीचोंबीच रखकर जाम लगा दिया।
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पुलिस पहले कानून व्यवस्था बनाए रखने और फिर जाम लगाने के बाद परिजनों को समझाने में फेल हो गई। यहीं नहीं, पूरे जिले की पुलिस चौकी के बाहर तैनात रही। लेकिन भीड़ के सामने बेबस। इस पूरे मामले में पुलिस की प्लानिंग पूरी तरह से फेल रही।

पुलिस अधिकारियों ने जाम न खुलने पर मुलाजिमों को फालन (क्रमबद्ध) कर लिया और कार्रवाई के निर्देश दे दिए। पुलिसकर्मियों ने आसपास के लोगों को एक तरफ भी करना शुरू कर दिया। लेकिन ड्यूटी मजिस्ट्रेट के बिना सब फेल हो गया।
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अधिकारियों से बात कर ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मांग की। इसके बाद 6.50 बजे ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार पानीपत राजेंद्र सिंह पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मामले की जानकारी ली और उच्चाधिकारियों को अवगत कराया।

परिजनों ने पीजीआई रोहतक से आते ही शाम को सवा पांच बजे शमशेर का शव असंध चौकी के बाहर रख दिया। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस के दो डीएसपी और कई थाना प्रभारी बल के साथ पहुंच गए।

पुलिस अधिकारी पहले झटके में ही परिजनों को समझाने में नाकाम साबित हुए। पुलिस के पीछे हटते ही लोगों का गुस्सा और बढ़ गया और दोपहिया वाहन चालकों तक को नहीं निकलने दिया। इस दौरान कई महिलाओं को साथ लेकर निकलने की कोशिश करने वाले लोगों के साथ कहासुनी तक हो गई।

डीएसपी क्राइम जोगिंद्र राठी और डीएसपी ट्रैफिक आत्माराम ने एक बार फिर परिजनों को समझाने की कोशिश की। परिजनों ने अधिकारियों को अनसुना कर दिया और अपनी ही मांग रखते चले गए।

पुलिस अधिकारी दूसरी बार फिर पीछे हट गए। दोनों डीएसपी ने डेढ़ घंटा बीत जाने के बाद तीसरी बार फिर कोशिश की। गुस्साए लोगों में से कुछ आश्वस्त भी हुए। दोनों डीएसपी की जाम खुलने की उम्मीद तेज हो गई और चौकी की तरफ चले गए।

उनके मुंह फेरते ही लोगों ने विरोध में फिर से नारेबाजी शुरू कर दी। ऐसे में पुलिस के हाथ पैर फूल गए और उनको जाम खुलवाने का कोई भी रास्ता नहीं मिला। उच्च अधिकारी पल-पल की जानकारी लेते रहे।

शाम करीब छह बजे तेज बूंदाबांदी हो गई। बूंदाबांदी शुरू होते ही पुलिसकर्मी पीछे हट गए और बारिश से बचने के लिए सुरक्षित स्थान पर चले गए। परिजन अपनी मांगों के लिए बूंदाबांदी के बीच भी डटे रहे।

जाम को खुलवाने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पूरे जिले की पुलिस पहुंच गई। इनमें डीएसपी क्राइम जोगिंद्र राठी, डीएसपी ट्रैफिक आत्माराम पहले ही पहुंच गए थे। उनके बाद डीएसपी शहर पहुंचे। इसके अलावा एसएचओ चांदनी बाग रामकुमार, एसएचओ इसराना विजय मलिक, एसएचओ सदर नरेंद्र सिंह, सीआईए-टू प्रभारी संदीप कुमार और कई चौकियों के प्रभारी पुलिस बल के साथ पहुंचे।

उधर पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा ने असंध चौकी प्रभारी सुनील समेत 11 चौकियों के प्रभारियों का तबादला कर दिया। असंध चौकी प्रभारी एसआई सुनील कुमार को सेक्टर-11-12 का चौकी प्रभारी लगाया है।

यहां पर प्रभारी संदीप कुमार को तहसील कैंप चौकी व तहसील कैंप चौकी प्रभारी राजेश कुमार को बलजीत नगर चौकी प्रभारी लगाया है। बलजीत नगर चौकी प्रभारी महेंद्र सिंह को किला चौकी, किला चौकी प्रभारी गौरीदत्त को थर्मल व थर्मल चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार को ओएसआई लगाया है।
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ओएसआई सुनील कुमार को आठ मरला चौकी प्रभारी, आठ मरला चौकी प्रभारी हरनारायण को असंध चौकी प्रभारी लगाया है। इसके अलावा बस अड्डा चौकी प्रभारी जयबीर को सेक्टर-29 चौकी, सेक्टर-29 चौकी प्रभारी प्रवीण कुमार को आरटीआई शाखा प्रभारी लगाया है। आरटीआई शाखा प्रभारी रणबीर सिंह को उनके अधीनस्थ किया है।
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