पानीपत। शिक्षा विभाग द्वारा जिले के सभी 243 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में निपुणता जांच के लिए सेशंस ग्रुपिंग असेसमेंट 2.0 के तहत मंगलवार को कक्षा दूसरी व तीसरी के 13516 विद्यार्थियों का गणित विषय का आकलन किया गया। इस अभियान के दौरान बच्चों की गणितीय क्षमता के अंतर्गत संख्या पहचान, जोड़ और घटाव का आकलन किया गया।
इस आकलन का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों का शिक्षा स्तर जानना है। दूसरे चरण के आकलन में कई स्कूलों में बच्चों का प्रदर्शन काफी सराहनीय रहा लेकिन कुछ स्कूलों में विद्यार्थी जोड़-घटा-गुणा-भाग के सवालों में ही उलझ गए।
जिला एफएलएन सह समन्वयक अनिल मलिक ने बताया कि विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से निपुण हरियाणा मिशन को मजबूती प्रदान करने व बच्चों की सीखने की क्षमता का आकलन करने के उद्देश्य से सेंसस ग्रुपिंग असेसमेंट के दूसरे चरण का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को जिले के सभी खंडों के प्रत्येक प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा दूसरी व तीसरी के विद्यार्थियों के गणित विषय का मूल्यांकन करवाया गया। विभाग की ओर से जिले में सभी पंजीकृत 13,708 विद्यार्थियों का आकलन करवाने का लक्ष्य रखा गया था। इनमें से मंगलवार को कक्षा तीसरी के कुल पंजीकृत 7364 में से 7248 अर्थात 98.4 फीसदी विद्यार्थियों और कक्षा दूसरी के कुल पंजीकृत 6344 में से 6268 अर्थात 98.8 फीसदी विद्यार्थियों का आकलन किया गया। यह आकलन निपुण हरियाणा टीचर एप के माध्यम से किया गया।
उन्होंने बताया कि छात्रों के मूल्यांकन के दौरान 572 पीजीटी व टीजीटी शिक्षकों ने भाग लिया। हर शिक्षक ने अपने-अपने खंड के दो स्कूलों में जाकर निरीक्षण किया। सुबह 10:00 बजे शुरू हुए अभियान में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। शिक्षा विभाग के अनुसार हिंदी और गणित दोनों विषयों की रिपोर्ट के आधार पर विद्यार्थियों की स्थिति का समग्र आकलन कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
इससे पहले जिले के टीजीटी व पीजीटी शिक्षकों को ऑफलाइन प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण के बाद सभी विद्यालयों में दोनों कक्षाओं के विद्यार्थियों का आकलन एक समान पैटर्न पर करवाया गया ताकि बच्चों की सीखने की स्थिति को जानकर और सुधार लाया जा सके।
शिक्षा विभाग का मानना है कि दो दिवसीय अभ्यास से न केवल विद्यार्थियों की बुनियादी योग्यता का सही आकलन होगा बल्कि निपुण हरियाणा मिशन के लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में ठोस कदम भी साबित होगा।