दस हजार रुपये की रिश्वत लेते एएसआई दबोचा
पानीपत/समालखा। स्टेट विजिलेंस पानीपत ब्यूरो ने समालखा पुलिस चौकी में तैनात एएसआई संतराम को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा है। आरोपी ने धोखाधड़ी के आरोपों में फंसे एक व्यक्ति का चालान पेश करते समय मामले को हल्का करने की ऐवज में पैसे मांगे थे। विजिलेंस ब्यूरो ने एएसआई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। विजिलेंस की रेड पड़ते ही चौकी में भी हड़कंप मच गया।
स्टेट विजिलेंस के पानीपत ब्यूरो टीम ने शुक्रवार दोपहर के वक्त समालखा पुलिस चौकी में तैनात एएसआई संतराम को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। मामले के शिकायतकर्ता गांव उग्रा खेड़ी निवासी अनूप कुमार ने बताया कि उसके पिता जगबीर धोखाधड़ी के मामले में न्यायिक हिरासत में है। जांच अधिकारी एएसआई संतराम ने मामले में कोर्ट में चालान उनके हक में पेश करने की ऐवज में दस हजार रुपये की मांग की थी।
उसने इस बारे में स्टेट विजिलेंस में शिकायत दी। विजिलेंस की शिकायत पर उपायुक्त समीर पाल सरो ने मामले में मजिस्ट्रेट जिला शिक्षा अधिकारी जयभगवान खटक को नियुक्त किया। छाया गवाह जिला शिक्षा विभाग में तैनात क्लर्क राजेंद्र सिंह को बनाया। स्टेट विजिलेंस इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार ने अनूप कुमार को पाउडर लगे एक-एक हजार रुपये के दस नोट दे दिए। शुक्रवार दोपहर को अनूप कुमार ने चौकी के बाहर एएसआई संतराम को दस हजार रुपये रिश्वत के रूप में दिए।
एएसआई संतराम ने जैसे ही अनूप से रिश्वत के दस हजार रुपये पकड़े, वैसे ही विजिलेंस टीम ने एएसआई संतराम को रंगे हाथों पकड़ लिया। विजिलेंस की रेड से चौकी में हड़कंप मच गया। एएसआई संतराम विजिलेंस के सामने निर्दोष होने का राग अलापता रहा। विजिलेंस टीम आरोपी एएसआई संतराम को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। विजिलेंस टीम में इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह सिंह के नेतृत्व में सब-इंस्पेक्टर सुलतान सिंह, एएसआई दलबीर सिंह, एएसआई जगबीर सिंह, सतविंद्र व एएसआई सुशील कुमार व एएसआई देवानंद मौजूद रहे।
गाड़ी में ही गिन रहा था पैसे
अनूप ने विजिलेंस के निर्देश पर एएसआई संतराम को फोन किया। एएसआई ने उसे चौकी के बाहर ही बुला लिया। अनूप गाड़ी लेकर चला गया। एएसआई वर्दी में ही बाहर आया और अनूप की गाड़ी में बैठ गया। वह गाड़ी में बैठे-बैठे अनूप पर हमदर्दी दिखाते पैसे गिनने लगा। इसी समय विजिलेंस टीम ने उसको दबोच लिया।
वर्जन
एएसआई संतराम को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। एएसआई में कोर्ट में धोखाधड़ी के आरोपी के पक्ष में चालान पेश करने के लिए दस हजार रुपये की मांग की थी। एएसआई संतराम के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नरेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर, स्टेट विजिलेंस, पानीपत ब्यूरो।