समालखा। उपेंद्र मुनि महाराज ने कहा कि स्वच्छंदता के कड़वे फल का अर्थ है अनुशासनहीन या अनियंत्रित व्यवहार करने के बाद मिलने वाले दुखद या बुरे परिणाम। जब कोई व्यक्ति बिना किसी नियम या रोक-टोक के मनमानी करता है तो उसके नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। जैसे समाज से अलगाव, रिश्तों में दरार, आर्थिक समस्याएं या कानूनी परेशानी। ये परिणाम कड़वे फल के समान होते हैं। उन्होंने ये प्रवचन सोमवार को समालखा नई अनाज मंडी स्थित जैन स्थानक में कहे।
उन्होंने कहा कि ये सब शुरुआत में भले ही स्वादिष्ट लगे पर अंत में कष्ट देते हैं। बिना सोचे-समझे और स्वच्छंदता से किए गए व्यवहार से परिवार और दोस्तों से संबंध खराब हो सकते हैं। समाज के नियमों का उल्लंघन करने पर व्यक्ति अकेला रह जाता है। पैसों के गलत या गैर-जिम्मेदाराना इस्तेमाल से आर्थिक तंगी आ सकती है। काम में लापरवाही या गलत फैसले लेने से नौकरी जाने या तरक्की रुकने का खतरा रहता है। गलत फैसलों या परिणामों से चिंता और तनाव बढ़ सकता है। अनियंत्रित इच्छाओं के कारण व्यक्ति गलत आदतों (जैसे नशा) का शिकार हो सकता है, जिसका स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।