पानीपत। टेक्सटाइल नगरी का एक्यूआई पिछले दो दिन से रेड जोन में है। सांसों पर संकट गहरा गया है। हवा में धूल व धुंए की मात्रा बढ़ने से लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।
वीरवार सुबह 11 बजे के बाद पानीपत का एक्यूआई मापक यंत्र का सर्वर वीक हो गया। सुबह 11 बजे का एक्यूआई 334 दर्ज किया गया। हवा में कार्बन मोनोक्साइड की मात्रा 537 तक दर्ज की गई है। यह स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है।
बढ़ते एक्यूआई को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से नगर निगम को सड़कों पर पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण कार्य बंद करने को कहा गया है लेकिन इन आदेशों का पालन नहीं हो रहा है। शहर में सरेआम सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है। उद्योगों , स्कूलों व होटल में जनरेटर सेट का प्रयोग किया जा रहा है। पिछले तीन दिन से एक्यूआई बढ़ने से जिला नागरिक अस्पताल में ओपीडी भी बढ़ गई है।
वीरवार को हवा की रफ्तार महज आठ किलोमीटर प्रतिघंटा दर्ज की गई है। तापमान में गिरावट आ रही है। हवा का दबाव बनने से धूल के कण ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं। धुंए की परत बन रही है। इसलिए दमा रोगियों की मुश्किले भी बढ़ गई है। ह्दय रोगियों की भी सांस फूल रही है। वीरवार को जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी फिर 1600 पार पहुंच गई है। वीरवार को जिला नागरिक अस्पताल में 25 ह्दय रोगियों की ईसीजी हुई। 35 दमा रोगियों को डॉक्टरों ने परामर्श दिए हैं। डॉक्टर गर्भवतियों को सुबह शाम सैर करने से बचने की सलाह दे रहे हैं क्योंकि एक्यूआई के रेड जोन में होने से प्री मैच्योर डिलीवरी का खतरा बढ़ जाता है।
रूट डायवर्ट करना जरूरी ः हवा में वीरवार को पीएम-10 की मात्रा 243 माइक्रोग्राम घन मीटर पहुंच गई है। शहर के बीचों बीच गुजर रहे जीटी रोड पर प्रतिदिन एक लाख वाहन गुजरते हैं। इसलिए ग्रैप के चौथे चरण में रूट डायवर्ट करने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम, पीडब्ल्यूडी व एनएचएआई सड़कों पर पानी का छिड़काव नहीं कर रहे हैं। इसलिए वाहनों के आवागमन से धूल के गुबार भी उठ रहे हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ कुलदीप सिंह ने बताया कि नगर निगम के साथ पीडब्ल्यूडी को भी सड़कों पर पानी का छिड़काव करना है। वह उद्योगों का निरीक्षण कर रहे हैं। जहां जनरेटर सेट चलते मिल रहे हैं वहां कार्रवाई की जा रही है। उद्योगों का भी लगातार निरीक्षण