पानीपत। अक्तूबर महीने के पहले सप्ताह में ही वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 179 पर पहुंच गया है। इसके साथ ही शहर की आबोहवा मध्यम श्रेणी में दर्ज की गई है। इससे संवेदनशील व्यक्तियों को सांस लेने में हल्की परेशानी हो सकती है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) द्वारा शुरू की गई कड़ाई से उद्यमियों में भारी रोष है। विभाग की सख्ती और अनुपालन के बढ़ते बोझ के विरोध में पानीपत डायर्स एसोसिएशन ने शुक्रवार को सेक्टर-25 स्थित जिमखाना क्लब में एक आपात बैठक बुलाई है।
डायर्स एसोसिएशन का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण व पर्यावरण नियमों से उद्योगों को आ रही व्यावहारिक समस्याओं और अनुपालन बोझ को राज्य व केंद्र सरकार के समक्ष उठाकर स्थायी समाधान की मांग की जाएगी। पानीपत डायर्स एसोसिएशन के प्रधान नितिन अरोड़ा ने बताया कि पर्यावरण प्रदूषण के नाम पर उद्यमियों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। एचएसपीसीबी और अन्य विभागों की टीम किसी भी समय निरीक्षण के नाम पर पहुंच जाती है। छोटी-छोटी कमियों को आधार बनाकर कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं और सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि बीते एक माह में करीब सात से आठ औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है, जिससे उद्यमियों में दहशत है।
मौसम लगातार दूसरे दिन छाए रहे घने बादल
मौसम में बदलाव के चलते वीरवार को लगातार दूसरे दिन तड़के ही घने बादल छाए रहे और तेज हवाएं चलीं। दिनभर अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र, उझा के जिला समन्वयक डॉ. सतपाल सिंह ने बताया कि मौसम में यह बदलाव आने वाले दिनों में और देखने को मिल सकता है। ब्यूरो
वर्जन :
प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग लगातार की जा रही है। चिमनियों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं और बैग फिल्टर व ईएसपी प्रणाली की जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ही कार्रवाई हो रही है।
कुलदीप, एई, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड