पानीपत। आरटीई (शिक्षा का अधिकार) एक्ट 2009 की धारा-12 के पात्र लाभार्थियों के नामांकन कराने की अंतिम तिथि को एक बार फिर से बढ़ा दिया गया है। शिक्षा विभाग पहले 15 अप्रैल और फिर 25 अप्रैल रखी थी। एक बार फिर से दाखिले के लिए आवेदन की तिथि को बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया है। ऐसे में अब तक आवेदन न करने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए अच्छा मौका है।
आरटीई के तहत प्राइवेट स्कूलों में 2+5 प्रतिशत जरूरतमंद बच्चों को दाखिला देना है। स्कूलों को इसके लिए सीटों की घोषणा करनी होती है। विभाग ने सीट स्पष्ट न करने वाले 198 स्कूलों को नोटिस भी दिया है। प्राइवेट स्कूलों में दाखिलों के लिए आवेदन लगातार जारी हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्राइवेट व मान्यता प्राप्त स्कूलों में कक्षा एक में 2+5 प्रतिशत सीटों को दर्शाना जरूरी है। मान्यता प्राप्त स्कूलों को उज्ज्वल पोर्टल के माध्यम से प्राप्त आवेदन को स्वीकार करना होगा।
जिन अभिभावकों के घर एक किलोमीटर के दायरे में जितने भी मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल में ऑनलाइन पोर्टल पर फार्म भर सकते हैं। जिस मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल के पास 2+5 प्रतिशत सीटों से अधिक ऑनलाइन दाखिले फार्म प्राप्त होंगे तो जिला स्तरीय कमेटी की उपस्थिति में ड्रा निकालना होगा। हरियाणा निशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियम 2011 में समय-समय पर संशोधित नियम की सभी धाराओं को मानने के लिए बाध्य होंगे। 2 जमा 5 मुद्दे जन शिक्षा आंदोलन के संयुक्त सचिव एवं मीडिया प्रभारी सोकेंद्र बालियान ने बताया कि आरटीई हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार देती है। कुछ स्कूल संचालक इसको लागू करने से बचना चाहते हैं। ऐसे में कक्षावार सीटों का ब्यौरा भी नहीं देते। शिक्षा विभाग के आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने से अभिभावकों को राहत मिली है। उनको अब अपने आवेदन करने चाहिए।
वर्जन :
आरटीई के तहत नामांकन की अंतिम तिथि को 25 अप्रैल से बढ़ाकर 30 अप्रैल की किया है। अभिभावक निजी स्कूलों में बच्चों के प्रवेश के लिए आने लगे है। अनुमान है कि इस साल पिछले साल की अपेक्षा नामांकन अधिक होंगे।
सुभाष चंद्र भारद्वाज, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी पानीपत।