समालखा। 77वें संत निरंकारी समागम में सेवादार श्रद्धालुओं का स्वागत कर रहे हैं। समागम में संगत को किसी तरह की परेशानी ना हो इसके लिए हर तरह का ध्यान रखा जा रहा है। समागम स्थल पर बनाए गए चार ब्लॉक में लंगर स्थलों पर लाखों लोग प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।
इसके साथ ही लाखों लोगों को अपनों से संपर्क करने में किसी तरह की परेशानी ना हो इसके लिए विभिन्न कंपनियों के मोबाइल टावर तो लगाए गए हैं और मोबाइल चार्जिंग के हजारों प्वाइंट जगह-जगह बनाए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि 77वें संत निरंकारी समागम की शुरूआत 16 नवंबर को होनी है और यह 18 नवंबर तक चलेगा। समागम को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी ना हो इसके लिए हजारों सेवादार लगातार सेवारत हैं।
चार ब्लॉक में बनाए गए लंगर स्थल
निरंकारी मिशन द्वारा पूरा ख्याल रखा गया है कि सेवादारों और समागम में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की तनिक भी परेशानी ना हो। समागम स्थल का चार ब्लॉक ए, बी, सी और डी में बांटा गया है और हर ब्लॉक में श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था है।
इसमें ए ब्लॉक मुख्य सेलिब्रेशन ग्राउंड है। यहां भी लंगर की व्यवस्था है। जबकि डी ब्लॉक सबसे बड़ा रेजिडेंशियल ब्लॉक है। डी ब्लॉक में लंगर के लिए 16 बड़े-बड़े कड़ाए लगाए गए हैं। इनमें एक कड़ाए में तीन क्विंटल दाल और तकरीबन इतने ही चावल एक बार में बनाए जा सकते हैं।
प्रतिदिन यहां पर अभी समागम शुरू होने से पहले 90-100 क्विंटल चावल, 70-80 क्विंटल दाल लंगर के लिए बनाई जा रही है। इसके अतिरिक्त चपाती (रोटी) बनाने के लिए 16 तवे मुख्य लंगर ग्राउंड में हैं। दो अन्य जगहों पर छह-छह तवे हैं।
एक तवे पर करीब 30 बहन सेवा कार्य करती हैं। हजारों सेवादार भाई-बहनें चावल, दाल, सब्जी व चपाती की सेवा में लगातार लगे रहते हैं। वहीं बी- ब्लॉक में 20 कड़ाए तो सी-ब्लॉक के लंगर ग्राउंड में 14 के करीब कड़ाए में संगत के लिए प्रसाद तैयार होता है। एक शिफ्ट में चार से पांच हजार सेवादार लगातार सेवा में जुटे रहते हैं।
समागम स्थल पर लगे मोबाइल टावर
समागम में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इनकी संख्या गत वर्ष की अपेक्षा अधिक होगी। मिशन द्वारा आध्यात्मिक स्थल पर विभिन्न कंपनियों के लगे मोबाइल टावरों को शुरू किया जा रहा है। इनके काम करने से एक समय में लाखों मोबाइल एक साथ काम कर पाएंगे।
छोटे से बुजुर्ग हर सेवादार हाथ जोड़ कर रहे सेवा
समागम को लेकर सेवादार पूरी निष्ठा से अपनी ड्यूटियां निभा रहे हैं। चाहे वह वहां पहुंचने वाली संगत को उनके क्षेत्र के बने पंडालों में ले जाने की हो या फिर भूले को रास्ता दिखाने की हो। छोटे से लेकर बुजुर्ग तक हर सेवादार निस्वार्थ भाव से धूप हो या छांव हाथ जोड़ नम्रता सेवा में लगा हुआ है। वहीं, महिलाएं, बच्चे पंडाल के अंदर बिछाए गए मैट (कालीन) को सुएं और प्लास्टिक की रस्सी से सी रही है।