पानीपत। शहर की 30 साल पुरानी मुख्य सीवर लाइन को बार बार रिपेयर करना निगम अधिकारियों के लिए चुनौती बनता जा रहा है। लाइन की पुरानी लीकेज ठीक होती हैं तो नई तैयार मिलती हैं। सेक्टर 25-29 बाईपास पर करीब एक माह से टूटे मुख्य सीवर लाइन के मेनहोल को निगम अभी तक रिपेयर नहीं कर पाया था कि इससे करीब 100 मीटर आगे एक ओर नया मेनहोल टूटा मिला है। इसने निगम अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।
दूसरी ओर शहर की मुख्य सीवर लाइन को बदलवाने का प्रस्ताव भी अब तक पास नहीं हो पाया है। निगम ने इस लाइन का दोबारा सर्वे करने के बाद सरकार के पास 103 करोड़ बजट की फाइल भेजी है। पिछले डेढ़ साल में शहर की मुख्य सीवर लाइन 10 बार लीक होकर धंस चुकी है। इसके दो मेनहोल तक टूटे मिले हैं। निगम अधिकारी रोजाना रात को पानी बहाव कम होने के चलते इसकी रिपेयरिंग के प्रयास करते हैं। होटल डेज के सामने टूटे मेनहोल का स्लैब तैयार कर दिया गया है। अब शनिवार को इसकी शक्ति का परिक्षण किया जाएगा। चूंकि मेनहोल के स्लैब के ऊपर सड़क भी बनेगी और इस सड़क पर हर वक्त भारी भरकम वाहन गुजरते हैं।
इसी के चलते निगम अधिकारी मेनहोल को ज्यादा से ज्यादा गुणवत्ता पूर्वक बनाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, शनिवार को ही दूसरे नए टूटे मेनहोल का भी निरीक्षण किया जाएगा। अब तक गहराई ज्यादा होने की वजह से इसका अनुमान लगाना मुश्किल है कि मेनहोल कितना टूटा है।
गौरतलब है कि बबैल नाके से लेकर सिवाह एसटीपी तक 30 साल पहले बिछाई लाइन बेहद खस्ता हो चुकी है। इसके धंसने की वजह से इसमें ट्रक से लेकर बाइक सवार लोग तक गिर चुके हैं। अगर लाइन की निकासी प्रभावित होती है तो शहर के 16 वार्डों के लोगों के सामने निकासी का संकट छा जाएगा। अगर लाइन टूटी तो छह फुट वर्गाकार लाइन का गंदा पानी शहर की सड़कों पर होगा।
दो दिन पहले नौंवी बार ध्वस्त लाइन में भी 15 फुट की जमीन में 10 से ज्यादा गड्ढे मिले थे। चलती लाइन में इनको रिपेयर करना भी कर्मचारियों के लिए खतरे से खाली नहीं है।