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Panipat News: अनिशा बनी आत्मनिर्भर, कॉस्मेटिक दुकान से संभाल रहीं परिवार की जिम्मेदारी

Sat, 14 Mar 2026 02:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
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अनिशा। - फोटो : गौरीगंज में खाली सिलिंडर लेकर गैस एजेंसी जाते उपभोक्ता।
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पानीपत। कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत और मेहनत के दम पर महिलाएं कैसे आत्मनिर्भर बन सकती हैं इसका उदाहरण जिले के सनौली कलां गांव की अनिशा हैं। पति के निधन के बाद जहां उनके सामने परिवार चलाने की बड़ी चुनौती थी वहीं उन्होंने हार मानने के बजाय स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपने जीवन की नई शुरुआत की और आज अपने पैरों पर खड़ी हैं। अनिशा वर्ष 2020 में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी थीं। उस समय वह केवल घर के कामकाज तक ही सीमित थीं और आय का कोई साधन नहीं था।
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वर्ष 2021 में उनके पति का निधन हो गया जिसके बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। ऐसे में उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और समूह की मदद से आगे बढ़ने का फैसला किया। समूह से जुड़ने के बाद अनिशा को आर्थिक सहायता मिलने लगी। उन्होंने समूह से ऋण लेकर सबसे पहले पार्लर का काम सीखना शुरू किया। प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने अपने गांव में ही कॉस्मेटिक की छोटी दुकान शुरू कर दी।
धीरे-धीरे उनके काम को पहचान मिलने लगी और अब यह दुकान उनकी आय का मुख्य साधन बन चुकी है। स्वयं सहायता समूह में अनिशा अब ग्राम संगठन की प्रधान भी हैं। इस जिम्मेदारी के तहत वह गांव की अन्य महिलाओं को भी समूह से जुड़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हैं। वह महिलाओं को मनरेगा योजना के बारे में जानकारी देती हैं और उन्हें काम के लिए प्रेरित करती हैं। उनका उद्देश्य है कि गांव की अधिक से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करें।
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अनिशा ने बताया यदि महिलाओं को सही दिशा और अवसर मिले तो वे किसी भी परिस्थिति में आगे बढ़ सकती हैं। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। आज वह न केवल अपने परिवार की जिम्मेदारी निभा रही हैं बल्कि अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर प्रेरित कर रही हैं। अनिशा ने बताया कि शुरुआत में परिस्थितियां काफी कठिन थीं लेकिन समूह की महिलाओं के सहयोग और मार्गदर्शन से उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। आज वह अपने तीनों बच्चों का पालन-पोषण खुद कर रही हैं और परिवार की सारी जिम्मेदारी निभा रही हैं। घर में कमाने वाली वह अकेली हैं फिर भी उन्होंने मेहनत और आत्मविश्वास से अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।
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