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नाराज पार्षदों का तीनों मेयर से उठा विश्वास, खोला मोर्चा

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पानीपत। सफाई के टेंडर खुलने से नाराज पार्षदों ने तीनों मेयर के खिलाफ अविश्वास जताया। तीनों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसे सीधे तौर पर भ्रष्टाचार करार दिया। नाराज पार्षदों ने अधिकारियों और मेयर अवनीत कौर, सीनियर डिप्टी मेयर दुष्यंत भट्ट और डिप्टी मेयर रविंद्र फुले पर मिलीभगत के आरोप तक लगाए।
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इस मुद्दे पर मंगलवार को पार्षदों ने बैठक कर शहरी विधायक प्रमोद विज पर भरोसा जताया। इसमें उन्होंने बुधवार को उनसे मिलकर आगामी रणनीति तैयार करने का फैसला किया है। इस बारे में मेयर अवनीत कौर से बातचीत नहीं हो सकी लेकिन बाकी दोनों ने अपने-अपने बयानों में आरोपों को निराधार बताया।
शहर को लूटा जा रहा
सफाई के नाम पर शहर को लूटा जा रहा है। इसमें तीनों मेयर और अधिकारियों की साठगांठ है। जब सांसद से मिलकर इस पर बात करने पर फैसला हुआ था तो इससे पहले इस टेंडर को क्यों खोला गया। ऐसी गंदी राजनीति करने से अच्छा तो इस्तीफा दे देंगे। - चंचल सहगल, पार्षद वार्ड नंबर 8
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मेयर से मांगेंगे जवाब
इस टेंडर से भ्रष्टाचार की बू आ रही है। पांच दिन पहले पार्षदों ने मेयर को सफाई के टेंडर की शर्तें लिखकर दी कि उन्हें ये साधन उपलब्ध करवाए जाएं लेकिन इस पर आश्वासन मिला कार्रवाई नहीं की। अब मेयर से इसका जवाब मांगा जाएगा। हैरान हूं कि सीनियर पार्षद चुप्पी साधे हुए हैं। - सुमन छाबड़ा, पार्षद, वार्ड नंबर 15
तीनों मेयर सवालों के घेरें में
तीनों मेयर इस चुप हैं। अगर ऐसा ही रहा तो तीनों के खिलाफ जल्द अविश्वास पत्र तक लाएंगे। जब पार्षद इससे अंसतुष्ट हैं तो मेयर कैसे संतुष्ट हो सकते हैं। पार्षदों की मेयर के साथ बैठक भी हुई, सरकार की कड़े नियम हटाने की चिट्ठी तक आई, बावजूद उन्हीं शर्तों पर टेंडर को खोल दिया गया। -चंचल डाबर, पार्षद, वार्ड नंबर 22
माफ नहीं करेगी शहर की जनता
नियमों को ताक पर रखकर सीवीसी की गाइडलाइन का पालन किए बिना इसे खोला गया है। ये जानकारी तक नहीं है कि करोड़ों खर्च करने के बाद भी शहर को क्या मिलेगा। निगम सदन के तीन प्रमुख जनप्रतिनिधि कचरे की मलाई खा रहे हैं, शहर की जनता इनको कभी माफ नहीं करेगी। - रविंद्र भाटिया, पार्षद, वार्ड नंबर 10
न बुलाई बैठक, न गया
न तो मैंने मीटिंग बुलाई थी और न ही मैं मीटिंग में गया। मैंने न ही कहीं पर हस्ताक्षर किए। जब शहर गंदगी से जूझ रहा था तब सफाई भी मैंने ही करवाई। जनता के सामने यही मेरा प्रमाण है। अब मुझ पर ही सवाल उठाने वाले पार्षदों को खुद की भूमिका भी देखनी चाहिए। - दुष्यंत भट्ट, वरिष्ठ उप महापौर
भ्रष्टाचार साबित करें पार्षद
टेंडर लगाने से पहले जनसंख्या के हिसाब से एस्टीमेट लगाए गए थे। अगर इसमें भ्रष्टाचार है तो सबूत के साथ दें। हम मान जाएंगे और जवाब भी देंगे। - रविंद्र फुले, डिप्टी मेयर
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