पानीपत। हरियाणा बाल विकास एवं आंगनबाड़ी वुमन वर्कर्स यूनियन के बैनर तले वीरवार को जिले की आंगनबाड़ी वर्कर और सहायिकाओं ने जिला सचिवालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। वे इससे पहले जिला नागरिक अस्पताल में इकट्ठा हुई थी। यहां से प्रदर्शन करते हुए जिला सचिवालय पहुंची।
राज्य महासचिव संतोष रावल ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका पिछले 10 वर्षों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रही हैं। सरकार ने आज तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया है। केंद्र सरकार का रवैया भी महिला विरोधी रहा है। केंद्रीय बजट में आंगनबाड़ी, मिड डे मिल, आशा का कोई जिक्र नहीं किया। वे भारी उपेक्षा का शिकार हुई हैं। उन्होंने प्रदर्शन के माध्यम सरकार को समाधान करने तक लड़ाई लड़ने की चेतावनी दी। इस मौके पर शीला, बबैल, शीला बलाना, सावित्री, राशि, सुमित्रा, संतोष , कविता, बीना, नीलम, सुनीता नूरवाला, सविता ने भी संबोधन किया।
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ये हैं प्रमुख मांगें
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी के बराबर वेतन दिया जाएं। सुपरवाइजर के 50 प्रतिशत पद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की पदोन्नति से भरे जाएं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को तत्काल प्रभाव से क्रमश: कुशल व अर्धकुशल श्रमिकों में शामिल किया जाए। एक मार्च 2018 को बैठक में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने इसका वादा किया था। ग्रेच्युटी अधिनियम-1972 के अनुसार ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाएं। कार्यकर्ताओं को कर्मचारी भविष्य निधि की सुविधा प्रदान की जाए। उनको चिकित्सा सुविधा दी जाएं। कार्यकर्ताओं को 50 लाख रुपये के बीमा कवर के साथ प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज में शामिल करने के आदेश जारी किए जाएं। प्ले स्कूल में काम करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को केवल शिक्षण से संबधित कार्य ही दिया जाना चाहिए। इसके साथ उनको जेबीटी ग्रेड दिया जाएं।