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पानीपत-2041 : शामली हाईवे किनारे बसेगा औद्योगिक गलियारा

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माई सिटी रिपोर्टर
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पानीपत। कपड़ा और टेक्सटाइल नगरी पानीपत को वर्ष 2041 तक आधुनिक, सुव्यवस्थित और औद्योगिक रूप से मजबूत शहर बनाने के लिए पानीपत-2041 प्रारूप विकास योजना (ड्राफ्ट डेवलपमेंट प्लान-2041) तैयार कर ली गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित राज्य स्तरीय समिति (एसएलसी) की बैठक में इस महायोजना को मंजूरी दे दी गई।

पानीपत-शामली राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर एक-एक किलोमीटर क्षेत्र में औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाएगा। सेक्टर-34 स्थित पुरानी शुगर मिल की खाली पड़ी जमीन को स्पेशल जोन या मिक्स यूज जोन के रूप में विकसित किया जाएगा। इनसे नए उद्योगों, वाणिज्यिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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बैठक में शहर के भविष्य के विस्तार, बढ़ती आबादी, औद्योगिक जरूरतों और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके तहत सड़कों के पुनर्संरेखण (री-अलाइनमेंट), आउटर पेरिफेरी रोड में बदलाव और सुविधाओं के विस्तार की योजना को भी शामिल किया गया है।

ड्राफ्ट प्लान के अनुसार पानीपत-शामली राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों तरफ एक-एक किलोमीटर के दायरे में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। यहां स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों की जल जरूरतों को पूरा करने के लिए रेनीवैल प्रणाली विकसित की जाएगी। नए औद्योगिक गलियारे से निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

आउटर पेरिफेरी रोड से जाम से मिलेगी राहत : शहर के चारों तरफ यातायात को सुचारु करने के लिए आउटर पेरिफेरी रोड के मार्ग में संशोधन किया गया है। इसमें दोनों स्टेट हाईवे और तीनों नेशनल हाईवे को जोड़ा जाएगा। पहले पानीपत-जींद और पानीपत-रोहतक स्टेट हाईवे की कनेक्टिविटी नहीं थी, जिसे अब बेहतर बनाया जाएगा। इससे शहर के अंदर बढ़ते यातायात दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।

हरित क्षेत्रों को मिलेगी प्राथमिकता : मास्टर प्लान में पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन बेल्ट को भी प्राथमिकता दी गई है। औद्योगिक विस्तार के साथ शहर में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए हरित क्षेत्रों का विकास किया जाएगा।

अंतिम प्रकाशन से पहले मांगे जाएंगे सुझाव : ड्राफ्ट डेवलपमेंट प्लान-2041 को अंतिम रूप देने से पहले राजपत्र (गजट) में प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद आम नागरिकों से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे। प्राप्त सुझावों का नियमानुसार परीक्षण करने के बाद ही योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा : हैंडलूम एक्सपोर्ट मैन्यूफैक्चरर एसोसिएशन, पानीपत के प्रतिनिधि रमेश वर्मा ने कहा कि पानीपत में टेक्सटाइल क्लस्टर की लंबे समय से मांग थी। राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ औद्योगिक गलियारा विकसित होने से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

पुरानी शुगर मिल की जमीन का होगा कायाकल्प

सेक्टर-34 स्थित पुरानी शुगर मिल की जमीन को स्पेशल जोन या मिक्स यूज जोन के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां व्यावसायिक परिसरों, हरित क्षेत्रों और जनसुविधाओं का समन्वित विकास किया जाएगा। शुगर मिल के स्थानांतरण के बाद खाली पड़ी इस जमीन का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।

छह प्रमुख सड़कों का होगा पुनर्संरेखण

शहर की प्रमुख सड़कों में बदलाव किए जाएंगे। बरसत रोड, सेक्टर-6, सेक्टर-29 बाईपास और मॉडल टाउन क्षेत्र सहित करीब छह सड़कों का री-अलाइनमेंट किया गया है। इससे शहर में आवागमन सुगम होगा और औद्योगिक व वाणिज्यिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

सेक्टर-53 में बनेगा बूस्टिंग स्टेशन और सॉलिड वेस्ट साइट

भविष्य की आबादी को देखते हुए जलापूर्ति और ठोस कचरा प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। नगर निगम सेक्टर-53 में जलापूर्ति बूस्टिंग स्टेशन और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट साइट विकसित करेगा। योजना में बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार का भी प्रावधान किया गया है।
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पानीपत के वर्ष 2041 तक के विकास का प्रारूप तय कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि योजनाएं केवल वर्तमान जरूरतों के आधार पर नहीं, बल्कि आने वाले दशकों को ध्यान में रखकर तैयार की जाएं। जिला प्रशासन सभी विभागों के समन्वय से इस योजना को समयबद्ध तरीके से लागू करेगा।

-डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ, उपायुक्त
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