पानीपत। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने हॉबपास पोर्टल बंद होने पर वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की है। अब नगर निकाय के अधिकारी को इसकी शक्तियां दी हैं। हॉबपास के दो महीने से बंद होने पर पानीपत समेत प्रदेश में करीब दो हजार नक्शे अटके हुए थे। अमर उजाला ने छह जून के अंक में समाचार को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। अब लोगों को बड़ी राहत मिली है।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक ने हॉबपास पोर्टल बंद होने पर निकाय अधिकारियों को शक्ति दी हैं। नगर निगम में आयुक्त, नगर परिषद में कार्यकारी अधिकारी व नगरपालिका में सचिव को जरूरी निर्देश जारी किए हैं। आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर ने इसकी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल को शिकायत दी थी। कपूर ने शिकायत में आरोप लगाया था कि पिछले दो महीने से सभी 90 शहरों में भवनों के ऑनलाइन नक्शे स्वीकृत करने का हॉबपास पोर्टल ठप होने से प्रदेशवासियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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निकाय विभाग ने की वैकल्पिक व्यवस्था
निकाय विभाग के निदेशक ने जारी निर्देश में बताया कि हॉबपास पोर्टल का संचालन करने वाली एसआरआईटी कंपनी एक मई से अपनी सेवाएं देने से पीछे हट चुकी है। इस कारण भवनों के प्राप्त नक्शों पर निर्णय लेने में अनावश्यक विलंब हो रहा था। इस समस्या के अस्थायी हल के लिए सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए सभी नगर निकायों को हॉबपास पोर्टल पर प्राप्त सभी आवेदनों की जांच कर खुद ही नक्शे स्वीकृत करने के निर्देश दिए हैं। इसमें उन्हीं नक्शों को पास किया जाएगा, जिनका हॉबपास पोर्टल पर आवेदन किया गया है। इसमें निरीक्षण करने व विकास शुल्क, जुर्माना राशि लेने जैसे कार्य भी निकाय अधिकारी कर सकेंगे।